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शर्मनाक: एंबुलेंस के लिए फोन करते रहे अधीक्षक, तीन घंटे तड़पती रही प्रसूता... सीएमओ से की गई मामले की शिकायत

Mon, 01 Jul 2024 09:45 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, गाजीपुर

सार

सीएचसी अधीक्षक ने लापरवाह 102 एंबुलेंस काल सेंटरों के कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए सीएमओ को मौखिक रूप से जानकारी दी है। सीएमओ ने बताया कि अधीक्षक द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में प्रसूता की हालत गंभीर होने पर महिला अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजन व सीएचसी अधीक्षक 102 एंबुलेंस के लिए लगातार फोन करते रहे, लेकिन तीन घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। इसके बाद प्रसूता को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू कर दिया। इधर अधीक्षक ने समय से एंबुलेंस न पहुंचने की शिकायत सीएमओ से फोन पर की।

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नगसर हाल्ट थाना के गोहदा विशुनपुरा निवासी अरविंद ने बताया कि रविवार की देर रात गर्भवती पत्नी बेबी देवी को तेज प्रसव पीड़ा होने पर उसे वाहन से रेवतीपुर सीएचसी प्रसव केंद्र लाया गया। वहां तैनात महिला स्वास्थ्यकर्मी उसके उपचार में जुट गई। सुबह बच्चे को जन्म देने के बाद प्रसूता बेबी देवी की हालत गंभीर हो गई। सीएचसी के चिकित्सकों ने काफी प्रयास किया, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती चली गई। इसके बाद सीएचसी अधीक्षक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों और परिजनों ने 102 एंबुलेंस के लिए काल सेंटर पर कई बार फोन किया, लेकिन जबाब नहीं मिला। एंबुलेंस न आने पर प्रसूता की हालात लगातार बिगड़ने लगी। 

आक्रोशित परिजन और ग्रामीण अधीक्षक से एंबुलेंस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने लगे। करीब तीन घंटे बाद एंबुलेंस सीएचसी पहुंची और प्रसूता को उपचार के लिए महिला अस्पताल लेकर रवाना हुई। रेवतीपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमर कुमार ने बताया कि लापरवाह 102 एंबुलेंस काल सेंटरों के कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए सीएमओ को मौखिक रूप से जानकारी दी गई है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. देश दीपक पाल ने बताया कि अधीक्षक द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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