Varanasi News: हाजी फरमान हैदर ने बताया कि वाराणसी शहर के विभिन्न दरगाहों और मजारों पर हाजियों के लिए दुआख्वानी और फातिहाख्वानी की गई। 21 जून को भी शहर की कई मस्जिदो में मृत हाजियों के लिए दुआख्वानी होगी।
मक्का में हज के दौरान मरने वाले हाजियों की मगफिरत के लिए गुरुवार को दुआख्वानी हुई। दरगाह ए फातमान में आयोजित मजलिस और दुआख्वानी में सभी धर्म के लोगों ने मृत हाजियों की आत्मा की शांति के लिए हाथ बुलंद किए।
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हज के समाप्त होते-होते तकरीबन छह सौ के आसपास हज जायरीन की मौत हो गई। इसमें सबसे अधिक मिस्त्र व इंडोनेशिया के हाजी थे और भारत के 68 हाजी भी शामिल थे।
गुरुवार को जुमेरात पर दरगाह ए फातमान में मजलिस को खिताब करते हुए हाजी फरमान हैदर ने कहा कि हज के दौरान इस साल बेहतर इंतजाम नहीं थे। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को सहूलियत नहीं मिली। इस तरह की घटना से सीख लेनी चाहिए ताकि आने वाले सालों में इस तरह की घटना ना हो।
फातमान में आयोजित मजलिस और दुआख्वानी में सभी धर्म के लोगों ने मृत हाजियों की मगफिरत (आत्मा की शांति) के लिए हाथ बुलंद किए। इस अवसर पर मजलिस में तफसीर जौनपुरी व समर बनारसी ने कलाम पेश किए। नौहाख्वानी में शब्बीर हुसैन, जामिन हाशमी शामिल रहे।