छठवें इमाम जाफर ए सादिक के वसिले से कुंडे की फातिहा घर-घर में आयोजित की गई। सुबह की नमाज के बाद जो सिलसिला शुरू हुआ तो देर रात तक चलता रहा। लोगों ने एक दूसरे के घर फातिहाख्वानी में शिरकत की। इमाम की याद में नियाज के रूप में मीठी टिकिया के कुंडे भरे गए और रात भर एहतमाम हुआ।
बृहस्पतिवार को कुंडे की फातिहाख्वानी के दौरान रोजी-रोटी में बरकत के लिए खुदा से दुआ की गई। इसके अलावा देश में अमन, चैन और खुशहाली के लिए भी दुआख्वानी हुई। चौक, दालमंडी, लल्लापुरा, नई सड़क, बजरडीहा, मदनपुरा, भेलूपुरा, रामनगर, बड़ी बाजार, अलीपुरा, वासिमगंज, पड़ाव, सदर इमाम बाड़ा आदि जगहों पर लोगों ने बड़ी तादाद में घरों में इमाम की नजर दिलाई और रोजी रोटी में दुआख्वानी की।
घरों में औरतों ने पाक ओ पाकीजा माहौल में मीठी टिकिया बनाई, खीर और नमकीन पूड़ियां बनाकर उस पर नजर दिलाई। ख्वातीन अच्छे लिबास में एक दूसरे के घर नजर में शिरकत करने पहुंचीं। बच्चों ने भी दुआख्वानी के लिए हाथ उठाया। जे पी टॉवर कालीमहाल में शिया सुन्नी सभी ने मिलकर इमाम के वसिले से खुदा की बारगाह मे खुशहाली, रोजी-रोटी में बरकत के लिए दुआएं कीं। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर करबालाई ने बताया कि हर साल 22 रजब को कुंडे की फातिहा का आयोजन होता है।