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मॉरीशस के पीएम प्रविंद जुगनाथ ने सारनाथ में किया भ्रमण

Thu, 24 Jan 2019 11:13 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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पत्नी के साथ मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ - फोटो : amar ujala
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मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ पत्नी और अतिथियों के साथ बुधवार को सारनाथ भ्रमण करने पहुंचे। पुरातात्विक खंडहर परिषद के गेट पर अधीक्षक पुरातत्वविद् डॉ. नीरज सिन्हा ने उनका स्वागत किया और सभी पवित्र स्थानों के बारे में जानकारी दी।
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जुगनाथ ने अशोक स्तंभ, मूलगंज कुटी बिहार, जहां पर भगवान बुद्ध ने बैठकर अपना वर्षा वास बिताया था। आगे बढ़ने के बाद पवित्र धमेख स्तूप का प्रधानमंत्री व समूह ने परिक्रमा किए। परिक्रमा करते हुए प्रधानमंत्री धमेख स्तूप पर पड़ रहे काले धब्बों पर डॉ. नीरज सिन्हा से पूछ बैठे यह धब्बे क्यों पड़े हुए हैं। जिस पर नीरज सिन्हा असहज हो गए।

वीआईपी गेट पर महाबोधी सोसायटी ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव के मेधाकर थेरो ने खाता पहनाकर अभिनंदन किया। श्रीलंकन मंदिर के प्रांगण से होते हुए वन विभाग के चिड़ियाघर गए। लेकिन वन विभाग के किसी भी अधिकारी ने प्रधानमंत्री के स्वागत नहीं किया। कई प्रकार की चिड़ियों, मगरमच्छ को देखते हुए प्रधानमंत्री का समूह हिरण के बाड़े के पास रुका।
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कर्मचारी द्वारा हिरणों को पुकारने जाने वाला शब्द आओ,आओ पर प्रधानमंत्री अपने साथ चल रहे पथ प्रदर्शक पंकज सिंह से पूछा कि यह क्या बोल रहा है। पंकज सिंह ने बताया कि जानवर इनकी भाषा आसानी से समझ जाते हैं, जिसको प्रधानमंत्री खुद को हंसने से रोक नहीं पाए उन्होंने कहा कि इसका मतलब आना होता है।

वहां से निकलने के बाद मूलगंध कुटी विहार मंदिर के पास प्रवासी भारतीयों के समूह से औपचारिक बात किए और पूछे कि आप लोग कहां से आए हो। मलेशिया के मानिकम ने कहा कि हम सब मलेशिया से हैं। इसके बाद मुलगंध कुटी विहार मंदिर के गेट से लगभग 1.10 बजे प्रधानमंत्री सारनाथ से होटल ताज के लिए रवाना हो गए।

भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली पहुंचे 500 प्रवासी

सारनाथ पहुंचे प्रवासी - फोटो : amar ujala
भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली पर बुधवार की सुबह से ही प्रवासी मेहमानों का आना लगा रहा। शाम तक लगभग 500 से अधिक प्रवासी अतिथि टेंट सिटी से भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली पहुंचे। इसी धरती पर भगवान बुद्ध ने मानव कल्याण के लिए मैत्री, करुणा का पाठ पढ़ाया था। जो आज पूरे विश्व को राह दिखा रहा है।

मेहमानों ने सारनाथ घूमने के पश्चात कहा कि हमारे देश को हमेशा से बलिदान, करुणा से भरा रहा है। दुबई से आए 350 प्रवासी भारतीयों ने एक साथ ‘ ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का’ गीत गाकर अपनी भावनाएं प्रस्तुत की। सिंगापुर से आए बालाजी वीरेंद्र कार्तिक ने भी काशी आतिथ्य को सराहा। साउथ अफ्रीका की शोभा मोहन ने भी काशी को अद्भुत बताया।

डॉक्टर अरुण गोयल ने बताया कि इस प्रवासी भारतीय सम्मेलन में सबसे बड़ा ग्रुप दुबई आया है। सारनाथ आकर बहुत खुशी मिली है। मलेशिया के मुरली कृष्णन ने कहा कि हम लोग यूपी के बारे में नकारात्मक सोच लेकर चल रहे थे लेकिन यहां के लोगों ने इतना प्यार दिया कि हम यहां के कायल बन गए।
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रामनगर किले का संग्रहालय देख प्रवासी हुए अभिभूत

प्रवासी भारतीय सम्मेलन में शामिल होने आए मलयेशिया और दुबई के प्रवासियों के दल समेत लगभग 500 प्रवासी बुधवार को रामनगर किले का संग्रहालय देखने पहुंचे। किले का अद्वितीय संग्रहालय देख दल में शामिल लोग अभिभूत नजर आए। उन्होंने किला परिसर में खूब सेल्फी लि और ग्रुप के साथ फोटो खिंचाई।

तंजौर तमिलनाडु के रहने वाले रामास्वामी मनीकम मलयेशिया पब्लिक सर्विस कमीशन में सदस्य है। उनकी दूसरी पीढ़ी मलयेशिया में रह रही है। मलयेशिया रेडियो में काम करने वाली विजय लक्ष्मी गुप्ता मालवा बंगाल की रहने वाली है। तमिलनाडु के आनंद राजू मानव संसाधन कार्यकर्ता के रूप में मलयेशिया में काम कर रहे है। उन्हें किले का वातावरण बेहद अच्छा लगा।

दुबई में एयरपोर्ट पर कार्यरत त्रिचूर केरल के रहने वाले राजीव और सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनेश तांबी को भी किले का शस्त्रागार बेहद अच्छा लगा। रामनगर किला में टिकट किया फ्री। बुधवार को 500 प्रवासियों ने रामनगर किला देखा। काशी राज के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह के निर्देश पर उनके लिए म्यूजियम का टिकट फ्री कर दिया गया।
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