प्रवासी भारतीय सम्मेलन
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समारोह में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने देश के विकास में प्रवासियों को सक्रिय योगदान का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अपनी परंपरा और संस्कृति के चलते भारतीयों की अलग पहचान है। तीन करोड़ 10 लाख भारतीय विदेशों में रहते हैं और सबमें भारतीयता समान है।
आज भारत के लोग देशों के प्रमुख भी हैं और बड़ी कंपनियों के प्रमुख भी, जिनकी वजह से देश का नाम हो रहा है। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी मल्टीनेशनल के प्रमुख आज भारतीय हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि युवा भारतीय दिवस का आयोजन न सिर्फ आपको जड़ों से जोड़े रखना है बल्कि ये सीखने का मौका देना भी है कि कैसे आप देश के विकास के भागीदार बनते हैं।
आज हम देश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रहे हैं और हमने कई ऐसे कार्यक्रम शुरू किए हैं, जो शोध को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। आज हमारे पास युवाओं की बड़ी संख्या है। सुरक्षित जाओ, प्रशिक्षित जाओ योजना चलाकर दूसरे देशों में काम करने वाले लोगों की मदद का काम किया।
हम फर्जीवाड़ा करके विदेश भेजने वाली एजेंसियों पर भी लगाम लगाने का काम कर रहे हैं। हम आज लगभग हर प्रभावी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, ताक़ि लोगों को सोशल मीडिया के जरिए मदद की जा सके। आज भारतीयों का पासपोर्ट उनका सुरक्षा कवच बन गया है।
सोशल मीडिया के जरिए प्रवासियों में जुड़ाव पर विदेश मंत्री बोली कि हमने 24 घंटों में लोगों को एक ट्वीट पर मदद पहुंचाने का काम किया है। हमने भारत को जानिये क्विज शुरू किया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं। 2022 में हम दुनिया के सबसे युवा देश होंगे जिसकी 64 फीसदी आबादी का औसत 29 साल होगा।