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भारत में रिसर्च एंड इनोवेशन का प्रतिनिधित्व करे बीएचयूः मानव संसाधन विकास मंत्री

Sun, 05 Aug 2018 02:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर - फोटो : अमर उजाला
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मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से आह्वान किया कि वो भारत में शोध और नवाचार का प्रतिनिधित्व करे। गुणवत्ता परक शिक्षा, शोध और नवाचार के साथ सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में काम करे और 21वीं सदी का नेतृत्व करे। इसके लिए उन्होंने बीएचयू को अगले तीन साल का एक्शन प्लान तैयार करने को कहा है। साथ ही सात साल की योजना और 15 साल का विजन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी भी उन्होंने बीएचयू को दी है।
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बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय में निदेशकों, संकायाध्यक्षों और वरिष्ठ प्रोफेसरों के साथ शनिवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में हमें शोध और इनोवेशन पर ज्यादा ध्यान देना होगा। सैद्धांतिक शोध के साथ ही हमें प्रासंगिक शोध को बढ़ावा देना होगा। ऐसे शोध हों जो समाजोपयोगी हों।

कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने विश्वविद्यालय में चल रही शोध कार्यों के बारे में बताया। बीएचयू के डिस्टिंग्विस्ड प्रोफेसर प्रो. ओएन सिंह ने हाइड्रोजन ऊर्जा के अपने शोध कार्यों से उन्हें अवगत कराते हुए कहा कि अगर इसे प्रोत्साहन दिया जाए तो ये देश के लिए ऊर्जा का से सस्ता विकल्प साबित हो सकता है।
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प्रो. कविता शाह ने बताया कि प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर बायो डिग्रेडेबल पॉलिमर्स पर शोध करने की जरूरत है। डिस्टिंग्विस्ड प्रोफेसर प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल ने बताया कि स्टेम सेल की मदद से क्षतिग्रस्त रीढ़ की हड्डी को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इस पर शोध कार्य हो रहा है। प्रो. रामादेवी निम्मनपल्ली ने बताया कि मवेशियों में वीर्य संग्रहण को बढ़ाकर देश में दूसरी श्वेत क्रांति लाई जा सकती है। 

दो साल में चार बैठक, और पूरा हुआ सपना

कुलपति ने मंत्रियों के सामने बताई जरूरत और सुविधाएं - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू को एम्स मिले, इसका सपना दो साल पहले देखा गया था। इसके लिए कागजी कार्रवाई तो खूब हुई लेकिन चार बैठकों के बाद आखिर सपना पूरा हुआ। यहां केवल एम्स नाम ही नहीं बल्कि वो सभी चिकित्सकीय सुविधाएं दी जाएंगी जो एम्स में जाने वाले मरीजों को मिल रही हैं। पहले की तुलना में जहां 700 बेड बढ़ेगा वहीं चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ की संख्या भी 2500 से अधिक बढ़ जाएगी। अब लोगों को संसाधनों की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा। अब स्वास्थ्य मंत्रालय और मानव संसाधन मंत्रालय के बीच एमओयू के बाद काम शुरू हो जाएगा।

आईएमएस के अधीन चलने वाले सर सुंदर लाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में पूर्वांचल, बिहार, उड़ीसा, मध्यप्रदेश, झारखंड के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से पांच हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब बेड और संसाधनों की कमी की वजह से उन्हें वापस होना पड़ता है।

एक ओर जहां चिकित्सकों-पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है तो दूसरी ओर जांच के लिए अत्याधुनिक तकनीक की मशीन और मरीजों से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी बढ़ानी होगी। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने इस दौरान पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से आईएमएस में मौजूद संसाधनों के साथ ही जरूरी संसाधानों का एक ग्राफ प्रस्तुत किया।

बताया कि दो जून को पीएमओ में मीटिंग के बाद पांच, आठ, तेरह जून को नीति आयोग में बैठक हुई और अंत में 19 जून को सहमति बनी। समारोह में पूर्व कुलपति प्रो. बेनी माधव शुक्ल, डॉ. अन्नपूर्णा शुक्ला, आईएमएस निदेशक डॉ. वीके शुक्ला, सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो.विजय नाथ मिश्र, एम्स अपग्रेडेशन कमेटी के चेयरमैन डॉ. ओपी उपाध्याय, डॉ. डीके सिंह, प्रो. संजीव गुप्ता के साथ ही भाजपा के  सभी विधायक, एमएलसी मौजूद रहे।
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अमृत फार्मेसी को मिलेगा बढ़ावा-अनुप्रिया पटेल

अनुप्रिया पटेल - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने दवाओं, उपकरणों के लिए अमृत फार्मेसी का विस्तार किए जाने की बात कही। कहा कि सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए काम कर रही है। अमृत फार्मेसी के माध्यम से घुटना प्रत्यारोपण में चलने वाले उपकरण का दाम घटा।

एनएचएम के तहत सभी केंद्रों पर जरूरी दवाएं मिल रही हैं। मंहगी दवाओं की जगह बाजार रेट से 70 से 80 प्रतिशत कम पर मिलने के लिए अमृत फार्मेसी खोली गई इसे और बढ़ाया जाएगा। तीन हजार से अधिक जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं, यहां जेनेरिक दवाएं भी मिल रही हैं।

बता दें कि बीएचयू अस्पताल में उमंग फार्मेसी में महंगी दवाएं मिलने और यहां खुली अमृत फार्मेसी में कम दाम पर दवाएं मिलने के बाद भी इस ओर प्रशासनिक अनदेखी और इससे मरीजों की मुसीबत को लेकर दो दिन तक लगातार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की गई। अब स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान के बाद अमृत फार्मेसी को अगर बढ़ावा मिला तो मरीजों को राहत मिलेगी। 

समारोह में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल और अश्विनी चौबे के साथ ही प्रदेश के प्राविधिक और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में बताया। अनुप्रिया ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत चलने वाली योजनाओं में नए एम्स की स्थापना, एम्स जैसा संस्थान, जिला अस्पतालों को उच्चीकृत करने, राजकीय मेडिकल कॉलेजों में यूजी, पीजी की सीट बढ़ाने, सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा देने आदि की जानकारी दी।

इसके अलावा उन्होंने शहरी और ग्रामीण इलाकों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलने वाली योजनाओं के बारे में बताया। जेपी नड्डा ने टीबी रोग से मुक्ति, हेपेटाइटिस बी, सी के साथ ही एचआईवी से ग्रसित लोगों के इलाज के साथ ही टीकाकरण, नया मेडिकल कॉलेज, एम्स खोले जाने आदि की जानकारी दी। आशुतोष टंडन ने प्रदेश में बहुत जल्द ही 13 नये मेडिकल कॉलेज के संचालन शुरू होने की बात कही। अश्विनी चौबे ने कहा कि पहले की तरह स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होता जा रहा है।
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