फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रसपा नेता का बयान, रामगोपाल यादव ने ली है सपा को बर्बाद करने की सुपारी

Mon, 14 Jan 2019 10:40 AM IST
utpal utpal न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रदेश प्रवक्ता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती की ओर से लोकसभा चुनाव के गठबंधन की घोषणा के साथ ही आजमगढ़ का सियासी पारा आसमान पर पहुंच गया है। इसकी आग में घी डालने का काम सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव अपने बयान से कर दिया। उनके इस बयान से नाराज प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की ओर से रविवार को नगर के एक होटल प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया।
विज्ञापन


पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक सिंह आशु ने कहा, प्रो. राम गोपाल ने कहा कि हमारे नेता शिवपाल यादव जब पूर्वांचल में आएंगे तो जनता उन्हें कदम-कदम पर पीटेगी तो हमें उनकी यह चुनौती स्वीकार है। उनकी और उनके गुरुओं की औकात है तो हमारे कार्यकर्ताओं को छूकर दिखाएं।

इसके लिए उन्हें दूसरा जन्म लेना होगा। रामगोपाल के कारण ही सपा को बिगडैल पार्टी कहा जाने लगा है। उन्होंने सपा को खत्म करने की सुपारी ले रखी है। यह गठबंधन मथुरा कांड, यादव सिंह आदि को बचाने के लिए हुआ है। सपा और बसपा का गठबंधन जनहितकारी नहीं बल्कि स्वहितकारी है।
विज्ञापन

हमारे संगठन के साथ ही सीबीआई और भाजपा के डर से यह गठबंधन हुआ है। मंडल प्रभारी रामदर्शन यादव ने कहा कि यह गठबंधन अवसरवादी है। हम चाहते हैं कि नेताजी हमारी पार्टी से चुनाव लड़ें। अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच झगड़े की मुख्य वजह शराब की बिक्री, भूमाफिया और अवैध खनन है।

आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर में 50 लोग जहरीली शराब के सेवन से मर गए। किसी के भी परिजनों को पैसा नहीं मिला। जांच कर रहा दरोगा सही दिशा में जा रहा था लेकिन उसका स्थानांतरण कर मामले को उलझा दिया गया। अखिलेश यादव बेदाग नहीं हैं। अगर बेदाग हैं तो जांच से भाग क्यों रहे हैं।
विज्ञापन

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रवक्ता सुधीर सिंह ने कहा कि सपा और बसपा का गठबंधन भाजपा को हराने के लिए नहीं बल्कि अपना अस्तित्व बचाने के लिए हुआ है। सपा और बसपा अपरोक्ष रूप से भाजपा की मदद करते रहे हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में दोनों पार्टियों ने कांग्रेस के खिलाफ प्रत्याशी उतारकर भाजपा की मदद करने का ही काम किया।
 
रविवार को वाराणसी के महमूरगंज स्थित एक होटल में उन्होंने कहा कि भाजपा को छोड़कर बाकी किसी भी पार्टी से गठबंधन किया जाएगा। छोटे दलों से गठबंधन के लिए बातचीत चल रही है। गठबंधन नहीं हुआ तो प्रदेश की 80 सीटों पर पार्टी चुनाव अकेले लड़ेगी। शिवपाल सिंह यादव की अगुवाई में कांग्रेस सहित भाजपा के सभी विरोधी दलों के साथ एक महागठबंधन बनेगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें