बीती रात आई आंधी से पूर्वांचल के वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडल की बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई। 2000 से ज्यादा गांवों में 24 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इस कारण पानी के लिए भी लोगों को भटकना पड़ा। आंधी से सैकड़ों पेड़, बिजली के खंभे टूट गए, टीन शेड उड़ गए।फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। आम के बौर झर गए।
जौनपुर में पेड़ गिरने और डालियां टूटकर गिरने से बिजली के तार टूट गए। इससे बिजली गुल हो गई। शहरी इलाकों में बिजली बहाल हो गई, लेकिन करीब 1200 गांवों में शनिवार शाम तक बिजली नही बहाल हो सकी।
मिर्जापुर में 300, आजमगढ़ और भदोही में 200-200, बलिया में 80 और गाजीपुर के 12 से अधिक गांवों में 24 घंटे बाद भी बिजली बहाल हो सकी। विभाग के कर्मचारी तारों की मरम्मत और फाल्ट खोजने में जुटे हैं।
वाराणसी, मऊ में शनिवार को बिजली बहाल हो गई तो कुछ इलाकों को छोड़कर चंदौली में भी बिजली आपूर्ति शुरू हो गई। बिजली न रहने से पानी की भारी दिक्कत हुई। लोगों को हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ी।
आंधी के चलते गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा हैं। आम के बौर भी झर गए। सैकड़ों टीन शेड उड़ गए। जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से रास्ता भी बाधित हुआ। मिर्जापुर के चुनार में बालू घाट से मेड़िया घाट तक बने पुल के पीपे बिखर गए।