उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद ने अपने उपन्यासों में जिस व्यवस्था का वर्णन किया है, उनमें अब भी कोई बदलाव नहीं आया है। मुंशी प्रेमचंद की जयंती समारोह से ठीक पहले पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (पीयूवीवीएनएल) ने स्मारक भवन की बिजली काट दी है और लमही महोत्सव के शुभारंभ से तीन दिन पहले स्मारक पर अंधेरा पसर गया है। उधर, प्रशासन इस कार्रवाई से बेखबर है।
लमही महोत्सव की तैयारियों में जुटे मुंशी प्रेमचंद्र के प्रशंसकों को विद्युत वितरण निगम ने बड़ा झटका दिया है। जयंती के 10 दिन पहले बिल नहीं जमा होने पर मुंशी प्रेमचंद स्मारक और आवास की बिजली काट दी है। इतना ही नहीं, कर्मचारी यहां से मीटर भी उखाड़ ले गए हैं। ग्राम प्रधान और स्थानीय लोगों ने शिकायत की तो बिजली विभाग ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
स्मारक के केयर टेकर सुरेश चंद्र दुबे ने बताया कि कर्मचारियों ने स्मारक का कनेक्शन सप्ताह भर पहले काट दिया था। इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बिजली का बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन काटा गया है। कितना बिल बकाया है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
लमही महोत्सव में बिजली नहीं होने से परेशानियां का हवाला देने पर जवाब मिला कि कनेक्शन काटने का यह बेहतर समय है, शायद जिम्मेदार बिल जमा कर दें। ग्रामीणों ने बिजली बिल भुगतान के लिए वीडीए के अधिकारियों से भी शिकायत की है, मगर अब तक कुछ नहीं हुआ।
मुंशी प्रेमचंद्र के गांव में स्थित स्मारक और आवास के बिजली कनेक्शन काटने की सूचना नहीं है। इस बारे में विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों से बात करता हूं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
-दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त