बिजली व्यवस्था में जानबूझकर कोई गड़बड़ी न की जा सके, इस लिहाज से उपकेंद्रों पर पुलिस तैनात की गई है। पुलिस कर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं। उपकेंद्र पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति या फिर कर्मचारियों का ब्योरा दर्ज किया जा रहा है। निगम प्रबंधन का प्रयास है कि जानबूझकर बिजली आपूर्ति बाधित न की जा सके।
मोबाइल से सिम निकाला कार्य बहिष्कार में शामिल संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों (जेई, एसडीओ और एसएसओ) ने बुधवार को सीयूजी मोबाइल का सिम कार्ड निकाल दिया। साथ ही कहा कि जब तक आंदोलन चलेगा, तब तक सरकारी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। मोबाइल पर फोन करके धमकाया जाता है। फॉल्ट ठीक कराने का दबाव डाला जाता है। अब सिम कार्ड निकालकर संगठन के पदाधिकारियों के पास रख दिए गए हैं।
बहिष्कार और हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड ने डिस्कॉम के सभी जोन में अधिकारी तैनात किए हैं। इसमें सेवानिवृत्त अधिकारियों को लगाया गया है। अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को प्रयागराज, पीएन उपाध्याय को पारेषण गोरखपुर, आलोक रंजन सिंह को बस्ती, अवीक्षित सिंह को ओबरा, राजीव कुमार को सोनभद्र, राजेश रंजन सिंह को आजमगढ़, गिरीश कुमार को अनपरा, शैलेंद्र कुमार को वाराणसी और देवेंद्र सिंह को गोरखपुर की जिम्मेदारी दी है।
संयुक्त संघर्ष समिति के कार्य बहिष्कार के दौरान संविदा कर्मियों ने बिजली आपूर्ति बहाल रखा। जो भी शिकायतें आईं, उसका संविदा कर्मियों समाधान किया। फॉल्ट भी ठीक कराए। दरअसल, अधिकारियों से वार्ता के बाद संविदा मजदूर संघ ने हड़ताल वापस ले ली थी। इससे बिजली निगम को बड़ी राहत मिली है। बिजली आपूर्ति एकदम से नहीं बिगड़ सकी।