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सोनभद्र की जमीन में दबे पड़े हैं सोना और अष्टधातु से बने हुए बर्तन व गहने

Wed, 26 Feb 2020 06:00 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
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सोना - फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र जिले के दुद्धी ब्लॉक के महुली कस्बे से सटे पोलवा गांव में स्थित सोन पहाड़ी के पास के खेतों में अष्टधातु व सोने के बने गहने एवं बर्तन बहुतायत मात्रा में दबे पड़े हैं। पिछले दशकों में खेतों की जुताई करने के दौरान स्थानीय लोगों को कई स्थानों पर प्राचीन काल की बहुमूल्य धातओं की सामग्री मिली। विभिन्न प्रकार की सामग्री प्राप्त होने के कारण यहां लंबे समय से अधिकारिक स्तर पर खुदाई की मांग की जा रही है।

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खुदाई में मिली अष्टधातु व सोना से निर्मित वस्तुओं को पुलिस ने हर बार जब्त कर इसे संग्रहालय में भेज दिया है। वर्ष 2007-08 में सोन पहाड़ी से करीब 600 मीटर दूर राजा बरियार शाह के जमींदोज हो चुके राजमहल के पूर्व दिशा में जुताई करने के दौरान करीब 80 किग्रा अष्टधातु व सोना मिला था। महुली निवासी एवं पूर्व सांसद शिव संपत राम (अब दिवंगत) ने शासन को पत्र लिखकर यहां पुरातात्विक सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की थी।

मगर इस ओर शासन का ध्यान ही नहीं पहुंच पाया। वहीं इस स्थान से करीब दो किमी दूर परासपानी गांव में वर्ष 2010-11 में प्राथमिक विद्यालय के कक्ष की नींव खुदाई के दौरान सोने के बने हुए गहने एवं सिक्कों से भरा घड़ा पाया गया था, जिसे पुलिस ने जब्त कर संग्रहालय भेज दिया था।

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स्थानीय लोगों की मानें तो यहां सोन पहाड़ी के आसपास खेतों में ढेरों मात्रा में बहुमूल्य धातुएं दबी पड़ी हैं। राकेश तिवारी, कौशल किशोर, राहुल रंजन, हर्ष कुमार, मंगल सोनी, दया शंकर आदि ग्रामीणों ने कहा कि इन स्थानों का पुरातात्विक महत्व है। यदि सरकार इन जगहों पर अधिकारिक स्तर पर खुदाई कराए तो बड़ी मात्रा में अष्टधातु व सोना मिलने की संभावना है।

जाताजुआ गांव के अधमुआ पहाड़ी में कोयला होने की संभावना
बाबा वंशीधर की 32 मन सोने की बनी मूर्ति के उद्भव स्थल शिव पहाड़ी से एक किलोमीटर दूर जाताजुआ गांव के अधमुआ पहाड़ी पर नब्बे के दशक में वैज्ञानिकों की टीम ने दौरा किया था। यहां सर्वेक्षण के दौरान पहाड़ी में बड़ी मात्रा में कोयला होने का दावा किया गया था। जाताजुआ गांव के प्रधान महेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम के सर्वेक्षण के बाद यहां लोगों में क्षेत्र के विकास को लेकर काफी उम्मीदें जगी थीं। मगर शासन की ओर से कोई पहल नहीं किया गया।
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अब जिले में जब कई पहाड़ियों के खुदाई की चर्चा जोरों पर है, तब यहां के ग्रामीणों में एक बार फिर अधमुआ पहाड़ी के लिए भी खुदाई की उम्मीद जग गई है। यदि सरकार की ओर से पहाड़ी की अधिकारिक स्तर पर खुदाई कराया गया तो निश्चित रूप से यहां प्रचुर मात्रा में कोयला होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
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