स्थानीय लोगों की मानें तो यहां सोन पहाड़ी के आसपास खेतों में ढेरों मात्रा में बहुमूल्य धातुएं दबी पड़ी हैं। राकेश तिवारी, कौशल किशोर, राहुल रंजन, हर्ष कुमार, मंगल सोनी, दया शंकर आदि ग्रामीणों ने कहा कि इन स्थानों का पुरातात्विक महत्व है। यदि सरकार इन जगहों पर अधिकारिक स्तर पर खुदाई कराए तो बड़ी मात्रा में अष्टधातु व सोना मिलने की संभावना है।
जाताजुआ गांव के अधमुआ पहाड़ी में कोयला होने की संभावना
बाबा वंशीधर की 32 मन सोने की बनी मूर्ति के उद्भव स्थल शिव पहाड़ी से एक किलोमीटर दूर जाताजुआ गांव के अधमुआ पहाड़ी पर नब्बे के दशक में वैज्ञानिकों की टीम ने दौरा किया था। यहां सर्वेक्षण के दौरान पहाड़ी में बड़ी मात्रा में कोयला होने का दावा किया गया था। जाताजुआ गांव के प्रधान महेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम के सर्वेक्षण के बाद यहां लोगों में क्षेत्र के विकास को लेकर काफी उम्मीदें जगी थीं। मगर शासन की ओर से कोई पहल नहीं किया गया।
अब जिले में जब कई पहाड़ियों के खुदाई की चर्चा जोरों पर है, तब यहां के ग्रामीणों में एक बार फिर अधमुआ पहाड़ी के लिए भी खुदाई की उम्मीद जग गई है। यदि सरकार की ओर से पहाड़ी की अधिकारिक स्तर पर खुदाई कराया गया तो निश्चित रूप से यहां प्रचुर मात्रा में कोयला होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।