छात्र ने बताया कि हाल ही में उसके परिवार में दो लोगों की मौत कोविड-19 के कारण हुई थी। उस दौरान उसे ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ी थी तो एक व्यक्ति ने कहा था कि वह दिला देगा। उस व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ा तो उसका कहना था कि उसे पता लगा था कि चंदौली में आसानी से सिलिंडर मिल जा रहा है। यह जानकारी उसने छात्र को दी थी। छात्र से फिर पूछताछ शुरू हुई तो उसका कहना था कि फेसबुक पर उसके पोस्ट करते ही इतने फोन आए कि उसे लगा कि वह भी प्रति सिलिंडर हजार से 1500 रुपये कमा लेगा। हालांकि किसी को वह सिलिंडर दिला नहीं सका। इस संबंध में एसीपी कैंट अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि युवक से पूछताछ की जा रही है, सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस आयुक्त को दें कालाबाजारी करने वालों की सूचना दें
पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने कहा है कि ऑक्सीजन सिलिंडर या जीवनरक्षक दवाइयों की कालाबाजारी करने वालों की सूचना अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय / अपराध) अखिलेश कुमार के मोबाइल नंबर 9454405426 पर दें। सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा। सोशल मीडिया पर भी पुलिस नजर रख रही है।
नहीं दी जाती सटीक जानकारी
पुलिस अफसरों के अनुसार दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के संबंध में आमजन की सूचना अक्सर इसी तरह की रहती है कि वह ऐसे कह रहा था या वह वैसे कह रहा था। कौन कालाबाजारी कर रहा था, उसका नाम या पता या मोबाइल नंबर क्या है, इस संबंध में कोई भी सटीक जानकारी नहीं देता है। जबकि, महामारी के इस समय में पब्लिक को दवाओं या ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी करने वालों के बारे में पुलिस को बेझिझक बताना चाहिए। सूचना देने वाले का नाम कभी भी उजागर नहीं होगा।