वाराणसी। प्रशासनिक कवायद के बाद भी बनारस की हवा सुधरने की बजाय दिनोंदिन खराब होती जा रही है। शुक्रवार की रात 11 बजे बनारस वायु प्रदूषण में सूबे में पहले नंबर पर पहुंच गया। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स(एक्यूआई) 355 रहा।
शुक्त्रस्वार की रात केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार बनारस का वायु गुणवत्ता सूचकांक प्रदेश में सबसे खराब रहा। वहीं अगर देश भर के आंकड़ों की बात करें तो बनारस, पटना, कानपुर और लखनऊ की हवा की गुणवत्ता सबसे अधिक खराब रही और दोनों शहर रेड जोन में रहे। रात 11 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बनारस में पीएम 2.5 की अधिकतम और न्यूनतम मात्रा में 82 अंकों का अंतर रहा। पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 399 और न्यूनतम मात्रा 317 रही। वहीं, पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 401 और न्यूनतम मात्रा 221 रही। नाइट्रोजन की अधिकतम मात्रा 155 और ओजोन की मात्रा 152 रही। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि पीएम 2.5 और पीएम 10 के कणों की मात्रा हवा में बढ़ने के कारण वायु गुणवत्ता खराब हुई है।
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