वाराणसी। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने वर्चुअल बैठक में स्टांप के लंबित मामलों को निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्टांप की कमी के मामलों में स्थलीय जांच के लिए कहा। इसमें उन्होंने शासनादेश का हवाला दिया और कहा, जिलाधिकारी के पांच और एडीएम वित्त एवं राजस्व के 25 स्थलीय निरीक्षण हर महीने अवश्य करें।
कमिश्नरी सभागार से वीडियो कांफ्रेंसिंग में मंत्री अधिकारियों को अधिक से अधिक राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कम राजस्व पाने वाले जिले नोयडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद के सब-रजिस्टार के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि स्टांप कमी वाले मामलों में संबंधित अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों को भेजते हैं। उन्होंने सभी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), महानिरीक्षक निबन्धन को स्थलीय निरीक्षण स्वयं करने के निर्देश दिए। जिन जिलों के स्टाम्प के केस लम्बित पड़े हैं, उनका निस्तारण जल्द से जल्द अनिवार्य रूप से कराया जाए। युवाओं को रोजगार देने के लिए स्टाम्प एवं निबंधन विभाग द्वारा शिक्षित युवाओं को स्टांप वेंडर का लाइसेंस जारी किया जा रहा है। स्टांप मंत्री ने निर्देश दिया कि आवेदनों की जांच कराकर लाइसेंस जारी किए जाएं। इस दौरान महानिरीक्षक स्टाम्प मिनिस्त्री एस, अपर महानिरीक्षक केके सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।