वे संग्रहालय बनवाने की बात कह रहे हैं। वीडीए के सचिव वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया (एक्स, फेसबुक) पर प्राप्त शिकायत के क्रम में मामले की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पौत्र और स्वर्गीय महताब हुसैन के पुत्र मो. सिब्तैन का मकान संख्या सीके 46/63, भीखाशाह गली, सराय हड़हा, चौक, वाराणसी में है। 500 वर्गफीट क्षेत्रफल में निर्मित यह भवन जी प्लस वन तल का था।
काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। परिवार के सदस्यों की ओर से मकान के नवीनीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत पुराने भवन के स्ट्रक्चर को ध्वस्त किया जा रहा है, ताकि वहां दोबारा निर्माण कराया जा सके। परिवारजनों ने भवन के पुनर्निर्माण के बाद उसी स्थान पर भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का संग्रहालय बनवाने की बात कही है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का पोस्ट
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट किया कि जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करना? भाजपा और उनके संकीर्ण सोच के संगी-साथी ‘कला और कलाकारों’ के हमेशा खिलाफ रहते हैं क्योंकि इन पुरातनपंथी-रूढ़िवादियों की ये संकरी मानसिकता होती है कि रचनात्मक लोग ही समाज में परिवर्तन की भूमि और भूमिका बनाते हैं।
सकारात्मक कला सहृदयता को जन्म देती है और सहनशीलता को भी। इसीलिए कला के हर रूप को ये अपने एजेंडे के रास्ते में रोड़ा मानते हैं या फिर कला को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल करके उसको नकारात्मक बना देना चाहते हैं। जिनके आगे ‘भारत रत्न’ लगा हो उनकी मिलीजुली विरासत को ध्वस्त करना, उनके मान-सम्मान के साथ-साथ ‘भारत’ के मान को भी ध्वस्त करने के समान है। सरकार आने पर हम ‘भारत रत्न बिस्मिल्लाह ख़ान’ की धरोहर को बचाने के लिए ‘श्रवण-संग्रहालय’ बनाएंगे। घोर निंदनीय!