उन्होंने बताया कि एसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सात और आठ नवंबर की मध्यरात्रि सरायमीर पुलिस क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि पशु चोर पिकअप में चोरी के पशु लादकर सिकरौर और मार्टिनगंज के रास्ते जौनपुर के मड़ियाहूं पशु बाजार की ओर जा रहे हैं।
पुलिस ने ग्राम नोनारी के पास संदिग्ध पिकअप को रोकने का प्रयास किया तो चालक बैरियर तोड़कर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए कौरागहनी नहर के पास घेराबंदी की। बदमाश घंगवल मार्ग की ओर भागे, लेकिन करीब 200 मीटर आगे पिकअप अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस दौरान एक बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जबकि दूसरे ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लगी। पुलिस ने सुबह करीब 6:10 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने साथियों दिलशाद उर्फ करिया उर्फ कोट्टा निवासी मेहियापार और सलमान निवासी सोफीगढ़ समेत अन्य लोगों के साथ पशु चोरी करता था। गिरोह के सदस्य व्यापारी बनकर गांवों में घूमते और बाहर बंधे पशुओं की रेकी करते थे। इसके बाद रात में पिकअप से पशुओं को चोरी कर लेते थे। पहचान छिपाने के लिए वाहन की नंबर प्लेट बदल देते थे और पशुओं को दूर-दराज के बाजारों में बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।
इसी पिकअप से बरामद हुए पशु।
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अभियुक्त ने नरदह चक, आदममऊ और बनकट के अलावा बरदह क्षेत्र में भी पशु चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, बरामद पशुओं की पीड़ितों ने पहचान कर ली है।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आजमगढ़ समेत अंबेडकरनगर, जौनपुर, सुल्तानपुर, वाराणसी, मऊ और संतकबीरनगर में पशु चोरी, गोवध, गैंगस्टर एक्ट, लूट, डकैती, धोखाधड़ी और अवैध असलहे से संबंधित कुल 22 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने दर्ज मुकदमे में फायरिंग, अवैध असलहे और परिवर्तित नंबर प्लेट के इस्तेमाल से संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार दूसरे बदमाश और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।