एसआईआर के नाम पर लगातार गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कहीं पात्र मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, कहीं वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है, तो कहीं प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता का अभाव है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं से घबरा चुकी है और अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भ्रम फैलाने का सहारा ले रही है।
मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा ‘वोट जिहाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग कर काशी में हिंदू-मुसलमान करने की कोशिश अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल है। यह संत कबीर और नजीर की विचारधारा की धरती है, मां गंगा की नगरी है और भगवान विश्वनाथ की पावन काशी है। यहां नफरत, विभाजन और सांप्रदायिक राजनीति की कोई जगह नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मंत्री रविंद्र जायसवाल के ऐसे मंसूबों को काशी की जनता कभी सफल नहीं होने देगी। काशी कभी बटेगी नहीं। यहां के मतदाता, काशी के प्रबुद्धजन और समस्त काशीवासी एकजुट होकर लोकतंत्र, भाईचारे और संविधान की रक्षा के लिए खड़े हैं।
कांग्रेस महानगर कमेटी जिला प्रशासन से मांग करती है कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दुरुस्त कराया जाए। किसी भी मतदाता का नाम जाति, धर्म या राजनीतिक कारणों से न काटा जाए और न ही जोड़ा जाए। पूरे पुनरीक्षण कार्य की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, ताकि मताधिकार जैसे संवैधानिक अधिकार के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में काशी के मतदाता, काशी के प्रबुद्ध जन और काशीवासी एकजुट होकर इस निकम्मी, विफल और जनविरोधी भाजपा सरकार की विदाई काशी की पावन धरती से सुनिश्चित करेंगे। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करती रहेगी।
एसआईआर के नाम पर लगातार गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कहीं पात्र मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, कहीं वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है, तो कहीं प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता का अभाव है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं से घबरा चुकी है और अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भ्रम फैलाने का सहारा ले रही है।
मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा ‘वोट जिहाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग कर काशी में हिंदू-मुसलमान करने की कोशिश अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल है। यह संत कबीर और नजीर की विचारधारा की धरती है, मां गंगा की नगरी है और भगवान विश्वनाथ की पावन काशी है। यहां नफरत, विभाजन और सांप्रदायिक राजनीति की कोई जगह नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मंत्री रविंद्र जायसवाल के ऐसे मंसूबों को काशी की जनता कभी सफल नहीं होने देगी। काशी कभी बटेगी नहीं। यहां के मतदाता, काशी के प्रबुद्धजन और समस्त काशीवासी एकजुट होकर लोकतंत्र, भाईचारे और संविधान की रक्षा के लिए खड़े हैं।
कांग्रेस महानगर कमेटी जिला प्रशासन से मांग करती है कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दुरुस्त कराया जाए। किसी भी मतदाता का नाम जाति, धर्म या राजनीतिक कारणों से न काटा जाए और न ही जोड़ा जाए। पूरे पुनरीक्षण कार्य की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, ताकि मताधिकार जैसे संवैधानिक अधिकार के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में काशी के मतदाता, काशी के प्रबुद्ध जन और काशीवासी एकजुट होकर इस निकम्मी, विफल और जनविरोधी भाजपा सरकार की विदाई काशी की पावन धरती से सुनिश्चित करेंगे। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करती रहेगी।