नौ फरवरी से शुरू होगा महारुद्र यज्ञ और शिवार्चन
श्रीकांची कामकोटिश्वर मंदिर हनुमान घाट पर नौ फरवरी से महारुद्र जप यज्ञ शुरू हो जाएगा। मंदिर के प्रबंधक वीएस सुब्रह्मण्यम मणि ने बताया कि दक्षिण के आचार्य शक्ति घनपाठी के आचार्यत्व में 12 वैदिक विद्वान रुद्रार्चन, शिवार्चन, शंखाभिषेक होगा। महाशिवरात्रि के दिन चारों प्रहर की आरती व पूजन होगा। इसी दिन शिव-पार्वती की चल प्रतिमा का विधिवत विवाह होगा।
3 दिन होंगे शिव-पार्वती की स्वर्ण प्रतिमा के दर्शन
महाशिवरात्रि पर ही काशी नाटकोटि क्षेत्रम् जंगमबाड़ी में भगवान शिव-पार्वती और माता विशालाक्षी के तीन दिन दिनों तक दर्शन-पूजन होगा। नाटकोटि क्षेत्रम के प्रबंधक शिवा सुब्रह्मण्यम ने बताया कि 14 से 16 फरवरी तक अनुष्ठान और स्वर्ण प्रतिमाओं के दर्शन होंगे। इन प्रतिमाओं के दर्शन साल में सिर्फ तीन दिन ही होते हैं। प्रतिदिन तीन घंटे शाम सात से रात 10 बजे तक दर्शन होंगे।
51 वैदिक ब्राह्मण करेंगे एकादश रुद्राभिषेक
शृंगेरी मठ महमूरगंज में महाशिवरात्रि पर 12 से 15 फरवरी तक महारुद्राभिषेक होगा। मठ के प्रबंधक अन्नपूर्णा प्रसाद शास्त्री ने बताया कि शृंगेरी पीठ से 51 वैदिक विद्वानों के अलावा श्रद्धालु आएंगे। तीन दिनों तक महारंद्र, एकादश रुद्राभिषेक, क्रामर्चन आदि अनुष्ठान के अलावा भजन संध्या का आयोजन होगा। उधर, जंगमबाड़ी मठ में 14 और 15 फरवरी को विविध अनुष्ठान व शोभायात्राएं निकाली जाएगी। में पांच हजार से अधिक अनुयायी आएंगे।