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गाजीपुर में पीएम की सभा के बाद पथराव, प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मी को पीटकर मार डाला

Mon, 31 Dec 2018 12:55 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गाजीपुर
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मची भगदड़ - फोटो : ani
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यूपी के गाजीपुर में आरक्षण की मांग को लेकर निषाद समाज के लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पीएम की सभा समाप्त होने के बाद शनिवार की शाम एकाएक कठवामोड़ पुल पर जाम लग गया। जाम देख पीएम की सभा से वापस लौट रही करीमुद्दीनपुर थाने की पुलिस जाम समाप्त कराने में जुट गई।
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तभी धरने पर बैठे लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस बीच कई वाहनों के शीशे टूटे। आंदोलनकारियों ने एक पुलिसकर्मी की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। सीएम योगी ने मामले को संज्ञान में लिया है। सीएम ने पुलिसकर्मी के परिजनों को 40 लाख रुपए देने की घोषणा की है।

सदर हॉस्पिटल के डॉक्टर नवीन सिंह ने बताया कि मृत पुलिसकर्मी का पोस्टमार्टम किया गया है। इसके अलावा 7 अन्य पुलिसकर्मियों के पैर में चोट लगी है।

जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहे निषाद समाज के धरने को शनिवार को अनुमति नहीं दी गई थी। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में अशांति फैलाने की आशंका पर पुलिस ने निषाद पार्टी के एक नेता को हिरासत में लिया था।
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साथी को हिरासत में लेने की नाराजगी और आरक्षण की मांग को लेकर पार्टी के लोग कठवामोड़ के पास सरयू पांडेय पार्क में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। करीब दो बजे नगर के आरटीआई मैदान में पीएम मोदी कार्यक्रम संपन्न होने के बाद मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया।
 

 

पथराव में क्षतिग्रस्त बस - फोटो : ani
इससे शाम को करीब चार बजे कठवामोड़ पुलिया पर जाम लग गया। पीएम के कार्यक्रम से करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष सुधाकर राय पुलिस कर्मियों के साथ वापस लौट रहे थे। जाम में इनका भी वाहन फंस गया। इस पर पुलिसकर्मी वाहन से उतकर जाम समाप्त करने में जुट गए।

इसी बीच धरना पर बैठे लोग वहां पहुंच गए और हो-हल्ला करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जैसे ही पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में एक बस, एक स्कार्पियों और एक कार का शीशा टूट गया।

 
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इसी बीच उपद्रव कर रहे लोगों ने करीमुद्दीनपुर थाना में तैनात दीवान सुरेश प्रताप वत्स (48) को पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से लात-घुसों से पिटाई करने के साथ ही पत्थर से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

पुलिस उन्हें जिला अस्पताल लाई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी होते ही डीएम के बालाजी तथा एसपी यशवीर सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। 
 

 
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