जेल भेजे जाने के बाद अब पुलिस एक्शन मोड में लग गई है। पुलिस ने अब विधायक के करीबियों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। जैसे-जैसे विधायक से जुड़े आपराधिकर उनके करीबियों और समर्थकों से जुड़ते जाएंगे, उन पर शिकंजा कसना शुरू हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, जिले की पुलिस ने सुरियावां, औराई, चौरी, और भदोही पुलिस भी अपने क्षेत्र में विधायक के करीबियों पर कड़ी नजर रख रही है। पुलिस अब गांव के प्रधानों को फोन कर बाहुबली विधायक से जुड़े तार और उनके करीबियों के बारे में जान रही है।
मनीष से मिलकर कार्रवाई कर रहे एसपी: रीमा
बाहुबली विधायक विजय मिश्र की बेटी अधिवक्ता रीमा पांडेय ने पुलिस अधीक्षक पर अपने भतीजे मनीष मिश्रा के साथ मिलकर पिता के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक की मनीष से रोज बात होती है। आरोप लगाया कि पुलिस पिता की हत्या कराना चाहती है।
एसपी साहब को मैं बताना चाहती हूं कि उन्होंने मेरे पिता की हर कॉल रिकॉर्ड करके रखी है। अगर कभी आप उसके खिलाफ एक्शन लेंगे तो वह आपको को भी ब्लैकमेल कर सकता है। पुलिस को मनीष की सारी कॉल डिटेल निकलवाकर जांच करानी चाहिए।
‘मेरे पिता की बिगड़ गई है तबीयत’
बेटी रीमा पांडेय पेशी के बाद अपने चचेरे भाई ज्ञानपुर ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा पर बिफरतीं दिखीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने मनीष पर साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मनीष और जिले के अन्य विपक्षी नेताओं ने मिलकर कृष्णमोहन तिवारी का ब्रेनवॉश किया और साजिश के तहत छोटे से घरेलू विवाद को इतना बड़ा प्रकरण बना दिया। जिस भतीजे को बेटे की तरह पाला-पोशा, उसी के मरने की साजिश करने की बात सोचकर मेरे पिता की तबीयत बिगड़ गई है।
भदोही के एसपी रामबदन सिंह ने बताया कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस ने अपना काम किया है। अभियुक्त को पकड़ने के बाद उसे कोर्ट में पेश करना पुलिस का काम है। अब सुनवाई किस कोर्ट में होगी, यह फैसला अदालत करेगी, पुलिस नहीं। इससे पुलिस का कोई लेना-देना नहीं।