शातिर अपराधी के साथ गलबहियां करना गाजिपुर जिले के एक थाने के थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। गुरुवार को चुनाव आयोग की अनुमति के बाद उसे निलंबित कर दिया गया। थानाध्यक्ष के एक शातिर अपराधी के साथ पुलिस चौकी में बैठे मिलने पर विधायक उसके निलंबन की मांग को लेकर पांच नवंबर को धरने पर बैठी थीं।
मुहम्मदाबाद विधायक अलका राय पांच नवंबर को अपने विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण कर एक कार्यक्रम में शामिल होने लौवाडीह जा रही थीं। नोनहरा थाना क्षेत्र के कठवा मोड़ पुलिस चौकी के पास उनकी नजर पुलिस चौकी के बाहर खड़े करीमुद्दीनपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर अमित राय के साथ बात कर रहे थानाध्यक्ष केपी सिंह पर पड़ी।
यह देख विधायक गाड़ी रुकवाकर पुलिस चौकी के तरफ चल दी। विधायक को आता देख थानाध्यक्ष ने शातिर अपराधी को भगा दिया। इससे नाराज विधायक थानाध्यक्ष को निलंबित करने के साथ गिरफ्तार करने की मांग को लेकर पुलिस चौकी पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं।
सत्ताधारी पार्टी की विधायक के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही डीएम के बालाजी और एसपी सोमेन वर्मा मौके पर पहुंच गए। विधायक की मांग के अनुसार एसपी ने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश सीओ मुहम्मदाबाद को सौंपी।
सीओ ने 24 घंटे के अंदर जांचकर रिपोर्ट एसपी को सौंप दी। एसपी ने रिपोर्ट राज्य निर्वाचान आयोग को भेज थानाध्यक्ष के निलंबन की अनुमति मांगी।। एसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के अनुमति देने के बाद थानाध्यक्ष केपी सिंह को निलंबित कर दिया गया। साथ ही नोनहरा थाने का प्रभार एसओ श्याम बाबू को सौंप दिया।