उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के एक स्कूल में जमातियों के छिपे होने की शिकायत पर पुलिस ने बुधवार को छापा मारा। इस दौरान पूछताछ में पता चला कि सभी गांव के ही लोग थे। इसके बाद पुलिस वहां से चली गई।
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कुछ जमातियों के छिपे होने की सूचना पर एसपी अशोक कुमार बुधवार दोपहर मीरगंज पहुंच गए। उन्होंने मारीगंज थानाध्यक्ष से जानकारी ली। एसआई संदीप शर्मा ने बताया कि थाना क्षेत्र के एक गांव में इस्लामिया स्कूल में मंगलवार की शाम करीब आठ बजे मोबाइल की लाइट जलती देख गांव के लोगों को शक हुआ कि स्कूल में जमाती ठहरे हैं। ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी।
मंगलवार देर रात वह मौके पर पहुंचे थे तो देखा कि वहां करीब 12 लोग थे और खाना पक रहा था। पूछताछ में उन सभी ने पुलिस को बताया था कि वे इसी गांव के हैं और यह खाना गांव के उन गरीब परिवारों के लिए बन रहा है जिनकी लॉकडाउन के चलते रोजी-रोटी बंद हो गई है। यहां से खाना उनके घर पहुंचाया जाएगा। पुलिस ने पड़ताल कराई तो मौके पर मौजूद लोग उसी गांव के निकले। पूछताछ के बाद पुलिस लौट गई।
एसपी अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें किसी ने जमातियों के छिपे होने की सूचना दी थी, इशके बाद वह बुधवार को मीरगंज थाने पहुंचे और रात की घटना के बारे में पुलिस से पूछताछ की। पूछताछ के बाद एसपी ने मीरगंज थाने का निरीक्षण किया।