विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मुनेश कुमार, उत्तराखंड के हरिद्वार, नरसनकला गांव का निवासी है। सर्किट हाउस के पास अधिकारी हॉस्टल में कमरा मिला था। कमरा मिलने और चाबी लेने के बावजूद उन्होंने किराया भत्ता लिया।
पंचम मंडल वाराणसी के तत्कालीन सहायक शिक्षा निदेशक मुनेश कुमार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर थाने में भ्रष्टाचार की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुनेश पर 22680 रुपये आवास किराया भत्ता अवैध रूप से लेने का आरोप है। वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग पर सतर्कता जांच के बाद मामला दर्ज किया गया।
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विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मुनेश कुमार, उत्तराखंड के हरिद्वार, नरसनकला गांव का निवासी है। सर्किट हाउस के पास अधिकारी हॉस्टल में कमरा मिला था। कमरा मिलने और चाबी लेने के बावजूद उन्होंने किराया भत्ता लिया। यह भत्ता आहरण अधिकारी के रूप में नियम विरुद्ध तरीके से लिया गया।
इस कृत्य से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।यूपी शासन के सतर्कता अनुभाग-4 के आदेश पर मुनेश कुमार के विरुद्ध एक खुली जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि मुनेश कुमार को 6 दिसंबर 2018 को अधिकारी हॉस्टल में कमरा संख्या 10 आवंटित किया गया था। उसी दिन कमरे की चाबी भी ली थी। बावजूद, उन्होंने आहरण अधिकारी के पद पर रहते हुए नियम विरुद्ध तरीके से आवास किराया भत्ता प्राप्त किया।
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यह भत्ता 6 दिसंबर 2018 से 28 फरवरी 2019 तक की अवधि के लिए लिया गया था। मुनेश कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग किया। गैर-कानूनी तरीके से 22680 रुपये का आवास किराया भत्ता आहरित किया। इससे राज्य सरकार को वित्तीय क्षति हुई और उन्होंने खुद के लिए अवैध लाभ कमाया।