इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद पूछताछ करती पुलिस
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वाराणसी में मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में मंगलवार को इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने परिजनों को किसी तरह समझा बुझाकर मामला शांत कराया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अस्पताल में हंगामे की सूचना पर कोतवाली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रेनुकूट निवासी रीना मिश्रा ने पति नागेंद्र मिश्रा को पैर में संक्रमण होने के कारण मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप लगाया कि भर्ती होने के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही। इसके लिए सादे कागज पर डॉक्टर ने हस्ताक्षर भी कराए। बाद में उसी कागज पर मरीज की हालत बिगड़ने या मौत होने की स्थिति में जिम्मेदारी परिजनों की होने की बात लिख दी। रीना ने बताया कि इलाज के दौरान ऑपरेशन के खर्च के नाम पर डॉक्टर ने दो हजार रुपये की मांग की। रीना ने पुलिस को तहरीर में दी है।
अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार ने लापरवाही के आरोपों को खारिज कर बताया कि मरीज की हालत पहले से गंभीर थी। पैर में संक्रमण काफी फैल चुका था और परिजनों को मरीज की गंभीर स्थिति की जानकारी पहले ही दे दी गई थी। डॉक्टरों की ओर से उपचार किया जा रहा था, लेकिन इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। इंस्पेक्टर कोतवाली दयाशंकर सिंह ने बताया कि रानी मिश्रा की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मरीज के मौत का कारण पुष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।