पुलिस जैसे ही सभी को कोतवाली लेकर पहुंची, सूचना पाकर जिलाध्यक्ष इंतेखाब सहित अन्य कार्यकर्ता भी पहुंच गए। इस दौरान पुलिस ने राजमंगल को छोड़ दिया, जबकि अन्य युवकों को कोतवाली में बैठाए रखा।
सीओ घोसी अभिनव कनौजिया ने बताया कि नियम खिलाफ काम करने के कारण चारों को हिरासत में लिया गया। जिलाध्यक्ष इंतेखाब आलम ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने गलत आरोप लगाकर युवकों को पकड़ा है। राजमंगल के सभी रिश्तेदार उनके यहां रहकर पढ़ाई करते हैं। उन्होंने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं, यह एक अलोकतांत्रिक कदम है।