कभी एनकाउंटर, तो कभी लखनऊ में एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देकर सुर्खियों में रहने वाली यूपी पुलिस के आजमगढ़ जिले में भी एक से बढ़कर एक कारनामे उजागर हो रहे हैं।
कहीं वर्दी की धौंस दिखाकर शिक्षामित्र से छेडख़ानी की गई, तो कहीं पड़ोसी की जमीन हड़पने के लिए दबाव बनवा कर फर्जी केस दर्ज करा दिया गया। वर्दीधारियों से परेशान पीड़ित महिला शिक्षामित्र और बरहज का युवक एसपी से शिकायत करने पहुंचे। पुलिस ऑफिस में कोई जिम्मेदार अधिकारी न मिलने पर उनके दफ्तर में शिकायती पत्र देकर चले गए।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि यह दोनों ही मामले बहुत ही गंभीर हैं। जांच के बाद ही सच और झूठ का पता चल सकता है। दोनों मामलों की सक्षम अधिकारियों से जांच कर दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
केस नंबर-एक
पीड़ित महिला शिक्षामित्र की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक वह लालगंज तहसील क्षेत्र के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात है। स्कूल से दूर किराए का मकान लेकर परिवार के साथ रहती है। महिला के मुताबिक छह माह पूर्व विवाद होने पर 100 नंबर डायल कर पुलिस की मदद ली थी। मदद के लिए देवगांव कोतवाली में तैनात सिपाही पहुंचे थे।
सिपाहियों में से एक की उसी दिन से गलत नजर थी। वह अक्सर स्कूल आते-जाते समय उसे सड़क के किनारे खड़ा होकर घूरता था। 29 सितंबर की दोपहर वह निजी काम से बिंद्राबाजार जा रही थी। उसी बस में सिपाही भी सादे कपड़ों में बैठा। उसके साथ दूसरा वर्दी में था।
शिक्षामित्र ने बताया कि बस में कई सीट खाली थीं, बावजूद इसके सिपाही उसकी सीट पर आकर बैठ गया। उसके साथ छेडख़ानी करने लगा। सिपाही की हरकतों से परेशान महिला जब दूसरी सीट पर चली गई तो सिपाही ने उसे धमकी दी।
केस नंबर-दो
देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के लवकनी गंगा गांव निवासी नितिन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उसके गांव का रहने वाला एक युवक सिपाही है। वह एसपी दफ्तर में तैनात है। काफी दिनों से एक ही स्थान पर रहने की वजह से विभाग में उसकी अच्छीखासी पकड़ है।
नितिन का आरोप है कि सिपाही और उसके परिवार के बीच जमीन का विवाद चलता है। सिपाही का परिवार जमीन को हड़पना चाहता है, जबकि उसका परिवार जमीन बचा रहा है। इसी विवाद के चलते सिपाही ने अपनी वर्दी की धौंस दिखाते हुए नितिन के विरुद्ध मुबारकपुर थाने में धोखाधड़ी की फर्जी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
नितिन ने बताया कि उसे केस दर्ज होने की जानकारी 28 सितंबर को उस समय हुई, जब मुबारकपुर थाने के बनकट पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा कृष्णानंद प्रसाद उसका बयान दर्ज करने घर पहुंचे। नितिन ने बताया कि मैं इलाहाबाद में रहकर पढ़ाई कर रहा हूं। इससे पूर्व में कभी आजमगढ़ जिले में नहीं आया हूं। न ही यहां के किसी व्यक्ति को मैं जानता हूं।