पूर्वांचल में पुलिस ने दो दिनों में दो जिलों से नकली नोट बनाने और चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शनिवार की रात को आजमगढ के रौनापार बाजार में नकली नोटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया। बरामद हुए रुपयों में पांच सौ और सौ रुपये के नए नोट शामिल हैं। गिरफ्त में आए दोनों लोग ठेके से पांच सौ रुपये की नकली नोट देकर शराब खरीद रहे थे।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी सुभाष यादव निवासी निबिहवा गांव और राधेश्याम यादव निवासी आराजी अजगरा मगर्वी गांव के हैं। सुभाष यादव इस रैकेट का सरगना है। वह 20 हजार रुपये असली देकर एक लाख रुपये का नकली नोट लाया था। ज्यादातर रुपये इन सभी ने बाजारों में खपा दिए। शेष रकम खपाने की फिराक में घूम रहे थे।
सुभाष और राधेश्याम शनिवार की रात करीब दस बजे रौनापार बाजार में स्थित देशी शराब के ठेके से शराब खरीदा और दुकानदार को पांच सौ रुपये का नोट दिया। नोट नकली होने पर दुकानदार ने दूसरा नोट मांगा तो इन सभी ने दोबारा दूसरी नकली नोट थमा दिया। इसी बात पर सेल्समैन और इन दोनों के बीच नोंकझोंक होने लगी।
शक होने पर सेल्समैन ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसओ रौनापार गिरिजेश सिंह ने दोनों को हिरासत में लेकर तलाशी ली तो इनके पास से 14,800 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इसमें 500 के 12 नोट, 100 रुपये के 88 नोट शामिल हैं। साथ ही इनके पास से तीन मोबाइल बरामद हुए हैं। जिनका कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है।