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Varanasi: काम सीखने आता था घर, लालच में दोस्तों के साथ मिलकर उड़ा दिए 40 लाख; एक गलती और खुल गई पोल

Mon, 25 Dec 2023 03:57 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

घटना बीते 20 दिसंबर को कृष्णकांत यादव उर्फ रोहित के फ्लैट में हुई थी। बदमाशों ने 40 लाख रुपये और एक कैमरा चोरी किया था। शक के आधार पर कृष्णकांत के घर आने वाले युवक को पुलिस ने उठाया और पूछताछ शुरू की तो मामले का पर्दाफाश हो गया। 
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यूपी पुलिस का वाहन - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र के सातोमहुआ स्थित चंद्रा अपार्टमेंट में रहने वाले कृष्णकांत यादव उर्फ रोहित के फ्लैट से 40 लाख रुपये उनके यहां शेयर ट्रेडिंग का काम सीखने आने वाले युवक ने चुराया था। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने राहुल और उसके तीन दोस्तों के पास से 39 लाख 31 हजार रुपये, चेक बुक और कैमरा बरामद किया है। 

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आरोपियों की पहचान जौनपुर के लाइन बाजार थाना के कादीपुर के राहुल विश्वकर्मा और उसके दोस्त लखमीपुर के सौरभ विश्वकर्मा, सिकरारा थाना के सतलपुर के आदर्श यादव व लाजीपुर के सौरभ यादव के रूप में हुई है। चारों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।

डीसीपी गोमती जोन प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि बीते 20 दिसंबर को कृष्णकांत यादव उर्फ रोहित के फ्लैट से 40 लाख रुपये और एक कैमरा चोरी हुआ था। शिकायत के आधार पर बड़ागांव थानाध्यक्ष राजकुमार पांडेय के नेतृत्व में हरहुआ चौकी प्रभारी शिवानंद सिसोदिया और दरोगा संतोष कुमार यादव व मधुकर सिंह की टीम ने पड़ताल शुरू की। सर्विलांस की मदद से राहुल विश्वकर्मा की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई। बड़ागांव थानाध्यक्ष ने राहुल विश्वकर्मा को पकड़ कर पूछताछ शुरू की तो घटना की गुत्थी परत दर परत सुलझती चली गई। 
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पूछताछ में राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि वह कृष्णकांत के फ्लैट पर शेयर ट्रेडिंग का काम सीखता था। जमीन खरीदने के लिए कृष्णकांत अपने फ्लैट में 40 लाख रुपये रखे थे, यह बात उसे पता थी। पैसा देखकर उसके मन में लालच आ गया। 

20 दिसंबर की शाम कृष्णकांत अपने फ्लैट से बाहर गए थे। उसी दौरान वह अपने तीन दोस्तों के साथ आया और फ्लैट का ताला तोड़ा। इसके बाद पैसा और कैमरा चुरा कर चारों फरार हो गए। बताया कि 69 हजार रुपये चारों ने मौज-मस्ती में खर्च कर दिया था। शेष पैसे का चारों को आपस में बंटवारा करना था, लेकिन उससे पहले पकड़े गए। डीसीपी गोमती जोन ने बताया कि घटना का त्वरित गति से खुलासा करने वाले बड़ागांव थानाध्यक्ष और उनकी टीम को 10 हजार का नकद पुरस्कार दिया गया है।

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