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वाराणसी: फिजिकल टेस्ट के बहाने बच्चों से करता कुकर्म, गिरफ्तार

Tue, 26 Oct 2021 03:54 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

आरोपी शख्स बीएचयू एनसीसी और केंद्रीय विद्यालय में दाखिला कराने के नाम पर पैसे वसूलता था। साथ ही उसने फिजिकल टेस्ट के बहाने कई बच्चों के साथ कुकर्म किया। जब बच्चों ने घटना के बारे में परिजनों को बताया, तो उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू एनसीसी और केंद्रीय विद्यालय में दाखिला कराने के नाम पर पांच किशोरों से 30 हजार रुपये वसूलने और फिजिकल टेस्ट करने के नाम पर कुकर्म करने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपी लंका थाने में है।

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चौबेपुर के एक व्यक्ति की तहरीर पर जंसा थाना क्षेत्र के गंगापुर मीरावन निवासी मुरारी लाल गोंड के खिलाफ अप्राकृतिक दुष्कर्म, मारपीट धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि मुरारी ने सीएचएस और बीएचयू एनसीसी में दाखिला दिलाने के नाम पर पांच छात्रों से 30-30 हजार रुपये वसूले। इसके बाद अपना मोबाइल बंद कर गायब हो गया।

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छह महीने पहले हुई आरोपी से मुलाकात
पुलिस के अनुसार, आरोपी मुरारी लाल की मुलाकात छह महीने पहले तहरीर देने वाले व्यक्ति से डुबकियां में हुई। इस दौरान मुरारी ने खुद को कोचिंग में पढ़ाने वाला शिक्षक बताया। साथ ही बीएचयू एनसीसी और सीएचएस में दाखिला कराने के बारे में बताया।

दाखिला दिलाने के लिए बच्चों को फिजिकल टेस्ट कराने के बहाने ले गया

मुरारी की बातों में आकर उसने अपने परिचित दो बच्चों का एनसीसी और तीन का सीएचएस में दाखिला कराने के नाम पर हर एक छात्र से 30 हजार रुपये दिलवाए। पैसा लेने के बाद मुरारी दोनों छात्रों को एनसीसी में दाखिला दिलाने के लिए पहले फिजिकल टेस्ट करने के बहाने कृषि विज्ञान संस्थान की झाड़ी में ले गया और वहां आप्राकृतिक दुष्कर्म किया।

इसके बाद बच्चों को कुछ दिन बरगलाता रहा। इस बीच अपना मोबाइल बंद कर दिया। बच्चों ने पूरी आपबीती पैसा दिलाने वाले व्यक्ति से बताई। उसने पूरी प्लांनिग के साथ सोमवार को मुरारी को फोन कर दो और बच्चों का प्रवेश कराने के लिए पैसा देने के लिए बुलाया। इस दौरान उसे पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया।

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बीएचयू के कार्यवाहक चौकी प्रभारी प्रीतम तिवारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ कर और लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। आरोपी बीएचयू से 2000 में बीए पास होने के बाद कोचिंग और निजी विद्यालय में पढ़ाने लगा था। इस दौरान दर्जनों बच्चों के साथ पहले इस तरह की धोखाधड़ी कर चुका है।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बचपन से समलैंगिक है। इसके कारण उसकी पत्नी अपने दो बच्चों के साथ उसे छोड़कर अपने मायके चली गई। चार भाइयों में सबसे छोटा है। माता-पिता की मौत के बाद रोहनिया के चितईपुर में किराए पर रहता था।

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सीएचएस में करा चुका है दो बच्चों का प्रवेश

पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी ने बीएचयू के पूरे सिस्टम पर ही सवाल खड़ा कर दिया। सारी प्रवेश परीक्षाएं ऑनलाइन होने के बाद भी कैसे जालसाजी कर बच्चों को प्रवेश दिलाने में जालसाज कामयाब हो रहे हैं। सीएचएस में बच्चों को प्रवेश दिलाने के नाम पर पकड़े गए आरोपी ने पुलिस को बताया कि सत्र 2020 में दो बच्चों का दाखिला पैसा लेकर सीएचएस में कराया। दोनों बच्चे पढ़ रहे हैं।

आरोपी के अनुसार, सीएचएस में पढ़ाने वाले एक शिक्षक से उसकी जान-पहचान है। उन्हीं से मिलकर छात्रों का प्रवेश करवाया था। प्रभारी लंका महातम यादव ने बताया कि आरोपी और उसके सारे करीबियों से पूछताछ की जाएगी।

पुलिस हिरासत से भागा था आरोपी

लंका थाने में सोमवार की देर शाम पुलिसकर्मियों में तब हड़कंप मच गया। जब पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया आरोपी मुरारी मुंशी और दीवान को चकमा देकर थाने से फरार हो गया। ड्यूटी पर तैनात संतरी को भनक तक नहीं लगी। थाने में बैठे पुलिसकर्मियों की नजर उसके ऊपर पड़ी। तब पुलिस के पीछा करने के बाद रविदास गेट के पास से पकड़ा गया।

पुलिस हिरासत में लेकर थाने आ गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सास ली। कार्यवाहक इंस्पेक्टर लंका महत्तम यादव ने बताया था कि एक युवक ने फोन कर आरोपी की बीएचयू में होने की सूचना दी थी। जिसके बाद दरोगा प्रीतम तिवारी पुलिस टीम के साथ युवक को हिरासत में लेकर थाने आए थे। जिसके बाद आरोपी को पूछताछ के लिए बैठाया गया था। लेकिन थोड़े देर बाद कब गायब हो गया पता नहीं चला।
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