जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने यह भी आरोप लगाया कि कई थानों पर गरीब लोगों की रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है। वहीं राजनीतिक दबाव में चुनिंदा मामलों में ही कार्रवाई की जा रही है। एक मामले का जिक्र करते हुए कहा गया कि शिकायत के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, जिस पर बाद में पुलिस अधीक्षक द्वारा जांच के आदेश दिए गए। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, जिले में लगाए गए होर्डिंग को लेकर भी विरोध जताया गया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से माहौल बिगड़ सकता है और भविष्य में बड़े विवाद या झगड़े की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कानून हाथ में नहीं लेना चाहते, लेकिन यदि हालात ऐसे ही रहे तो स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही सत्ताधारी दल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाए गए कि योजनाबद्ध तरीके से एजेंसियों के माध्यम से होर्डिंग लगाए जा रहे हैं।
साथ ही यह भी कहा गया कि एनकाउंटर और कार्रवाई में पक्षपात किया जा रहा है, जिसमें पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को अधिक निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो जनआंदोलन किया जाएगा। इस दौरान मुबारकपुर विधायक अखिलेश यादव, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।