यूपी, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलियों और अपराधियों के खिलाफ साझा अभियान चलाने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार को चुर्क पुलिस लाइन में इन राज्यों के उच्चाधिकारियों की हुई बैठक में अपराधियों की सूची के आदान-प्रदान, सीमाओं पर बैरियर स्थापित कर सघन जांच अभियान चलाने और लोकसभा चुनाव के मद्देनजर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सघन निगरानी पर मंत्रणा हुई।
बैठक में सूचनाओं का आदान-प्रदान उच्च स्तर पर करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीवी रामाशास्त्री ने कहा कि सीमावर्ती थानों की पुलिस आपस में संचार समन्यवय पर जोर दे। सूचनाओं का आदान-प्रदान उच्च स्तर तक रखा जाए और प्रयास किया जाए कि गोपनीयता भंग न हो।
सीमावर्ती राज्यों के पुलिस अधिकारी आपस में वार्ता करते रहें। जिले में होने वाले अपराध, अपराधियों के बारे में एकत्रित किए गए सूचनाओं को साझा किया जाए। कहा कि एक सीमावर्ती राज्य में अपराध करने के बाद मूल निवास स्थान पर शरण लेने वाले अपराधियों के सूची का आदान-प्रदान कर लें।
यहां वांछित अपराधियों के गिरफ्तारी के लिए रणनीति बनाई गई और अवांछनीय व्यक्तियों के संचरण के बारे में परस्पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करने व सीमा पर बैरियर लगाने के लिए स्थानों को चिह्नित किया प्रभावी चेकिंग पर जोर दिया गया। एडीजी ने किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कार्रवाई अमल में लाए जाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में किसी तरह का खलल न हो, इसके लिए सीमावर्ती राज्यों के अधिकारी व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। बैठक में आईजी रीवां चंचल कुमार, वाराणसी विजय सिंह मीना, सरगुजा हिमांशु गुप्ता, एसपी सोनभद्र किरीट राठोड़, सिंगरौली हितेश चौधरी, चंदौली संतोष कुमार सिंह, गाजीपुर अरविंद चतुर्वेदी, अपर पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर अजय कुमार सिंह, गढ़वा सदन कुमार, रोहतास दुर्गेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन सोनभद्र अवधेश सिंह, कैमूर आनंद कुमार राय, सीओ बक्स अरुण कुमार गुप्ता, सीओ बलरामपुर अविनाश ठाकुर मौजूद रहे।