उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में चार दिन से एक महिला अपनी तीन बेटियों के साथ ससुराल में धरने पर बैठी है। विवाहिता का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष के लोग उसे घर से निकाल दिए हैं। वहीं, विवाहिता का भाई तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगा रहा है।
जिले के मरदह थाना क्षेत्र के हैदरगंज निवासी राधेश्याम चौहान ने अपनी पुत्री साधना चौहान की शादी लगभग दस वर्ष पूर्व कासिमाबाद थाना क्षेत्र के महुआरी गांव निवासी राम सूचित चौहान के पुत्र प्रमोद चौहान के साथ की थी। दस वर्ष तक सब कुछ ठीक रहा और इस बीच साधना से तीन पुत्रियां पैदा हुई। तीनों पुत्रियां काजल (08), आंचल (05) वर्ष और कृति (02) की है।
साधना का आरोप है कि दो माह पूर्व उसके पति प्रमोद चौहान ने मारपीट कर घर से भगा दिया था और तभी से अपने मायके में रह रही थी। इधर जनवरी माह में प्रमोद चौहान संबंध विच्छेद करने के लिए प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय गाजीपुर में मुकदमा दायर कर दुबई चला गया। मुकदमे की खबर जैसे ही साधना को लगी वह अपने बच्चों के संग पिछले सोमवार से ससुराल आकर घर में रहने की जिद करने लगी।
उधर, ससुर राम सूचित चौहान और सास बसंती देवी ने साधना को घर में जाने से रोक दिया। इसके बाद साधना दरवाजे पर धरने पर बैठ गई है। उसी दिन से लगातार धरने पर बैठी हुई है। साधना के साथ उसके तीनों बच्चियां और उसकी बहन मीरा भी साथ में बैठी है। इधर साधना का भाई जवाहर चौहान बुधवार को आयोजित तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया।