मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले दो आरोपियों को पाक्सो कोर्ट की ओर से कठोर सजा सुनाई गई। एक आरोपी को 10 साल की कड़ी कैद और 20 हजार जुर्माना, वहीं दूसरे आरोपी को सात वर्ष की कड़ी कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई।
विशेष न्यायाधीश पाक्सो शैलेंद्र सिंह की कोर्ट ने नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी रामनगर सूजाबाद निवासी बिहारी उर्फ चतुर साव को 10 साल की कड़ी कैद और विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी की अदालत ने साढ़े चार साल की मासूम बच्ची से गलत हरकत के आरोपी लंका मदरवा निवासी राजू वर्मा को सात साल की कड़ी कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
एक अभियुक्त 52 साल का
दोनों मामलों के विशेष लोक अभियोजक संदीप जायसवाल और मधुकर उपाध्याय के अनुसार रामनगर थाना क्षेत्र में 25 सितंबर 2019 को 52 वर्षीय अभियुक्त बिहारी ने चॉकलेट देने के बहाने नौ वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। घटना के वक्त मासूम के परिजन घर पर नहीं थे। उसी दिन पीड़ित के पिता ने अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।