उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय जनसंपर्क कार्यालय भी पावर सेंटर बन गया है। वाराणसी के रवींद्रपुरी में स्थित इस कार्यालय से अब तक जो भी शिकायतें सपा सरकार या संबंधित विभागों को जाती थीं, उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता था।
ज्यादातर शिकायतों पर केवल कागजी कार्रवाई होती थी। अब इसकी मॉनीटरिंग सीधे राज्य सरकार करेगी। माना जा रहा है कि सरकार बनने के बाद यहां शिकायतों के साथ-साथ फरियाद करने वालों की संख्या भी बढ़ जाएगी। जनता को भी खास उम्मीद है।
फिलहाल, यहां प्रतिदिन 70 से 80 शिकायतें आती हैं, जिन्हें संबंधित विभागों के पास जिला प्रशासन के जरिए भेजा जाता है। जिला प्रशासन की ओर से ही शिकायत के निस्तारण की रिपोर्ट के साथ पीएम के संसदीय कार्यालय और शिकायतकर्ता के पास सूचना भेजी जाती है।
पहले केवल केंद्र में भाजपा की सरकार होने के कारण पीएम मोदी के संसदीय दफ्तर के जरिए मिलने वाली शिकायतों को अधिकारी तवज्जो नहीं देते थे। अब नई सरकार जवाबदेही तय करेगी तो शिकायतों को नजरअंदाज कर पाना आसान नहीं होगा।
हर विभाग संसदीय दफ्तर की शिकायतों को लेकर संजीदा होने लगा है।