प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि देश में 15 करोड़ मुद्रा लोन बांटा गया तो उसमें 11 करोड़ सिर्फ महिलाओं को मिला। महिलाओं के 50 लाख स्वयं सहायता समूहों पर सालाना 44 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सहकारिता के क्षेत्र में और कौशल विकास मिशन के तहत 40 लाख से ज्यादा महिलाएं प्रशिक्षित हुईं।
दुष्कर्म जैसे अपराध में फांसी की सजा का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। प्रधानमंत्री का संबोधन खत्म हुआ तो वीआईपी दीर्घा के पीछे कुर्सियों से उठ कर खड़ी हुई स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का कहना था कि आज का दिन याद रहेगा। बहुत सम्मान मिला, मोदी जी और उनकी बातें हमेशा याद रहेंगी।