एक तरफ लखनऊ में पकड़े गए अलकायदा के दो आतंकियों के बाद प्रदेश भर में हाई अलर्ट तो वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक व्यवस्था का बेहतर संचालन को सुगम बनाए रखने की चुनौती। साथ ही वाराणसी में कमिश्नरेट लागू होने के बाद प्रधानमंत्री का पहला दौरा। ये तीनों चीजें एक तरह से कमिश्नरेट पुलिस के लिए लिटमस टेस्ट से कम नहीं था। हालांकि कमिश्नरेट पुलिस ने प्रधानमंत्री इस दौरे में बगैर किसी बाधा के पास हुई।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के नेतृत्व में फोर्स ड्यूटी स्थल पर मुस्तैद रही बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए सिटी कमांड कंट्रोल से भी पुलिस नजर बनाए रखी। कहीं भी जाम लगने की संभावनाएं समझ में आई तो तुरंत सूचनाओं पर अतिरिक्त पुलिस कर्मी फैंटम के जरिए उस स्थल की कमान संभालते हुए जाम जैसी स्थिति को उपजने नहीं दिया।
यही नहीं, पिछले चार दिनों के अंदर तैयार चक्रव्यूह प्लान का असर रहा कि प्रधानमंत्री कार्यक्रम में किसी भी प्रकार का कोई खलल नहीं पड़ा। कमिश्नरेट पुलिस में पहले से छह सर्किल में बंटे स्थानीय अभिसूचना इकाई ने विरोध प्रदर्शन की तमाम आशंकाओं पर विराम लगाया।