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वाराणसी: गंगा की धार से बाबा दरबार जाने का सपना होने लगा साकार, पीएम मोदी के आने के बाद काम में तेजी

Wed, 02 Dec 2020 03:15 PM IST
गीतार्जुन गौतम आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
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ललिता घाट से काशी विश्वनाथ धाम जाने वाली सीढ़ियों पर होने लगा काम, कॉरिडोर के देखते पीएम मोदी। - फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीकाशी विश्वनाथ धाम अब आकार लेने लगा है। गंगा की धार से बाबा दरबार की राह भी सुगम हो चुकी है। देव दीपावली की शाम ललिता घाट के इस प्रस्तावित मार्ग से ही प्रधानमंत्री ने बाबा दरबार में प्रवेश किया और धाम के काम की सराहना भी की।

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काशी विश्वनाथ धाम में ललिता घाट से प्रवेश की राह को सुगम बनाने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। कार्यदायी एजेंसी यहां सीढ़ियों के निर्माण का काम जल्द शुरू करेगी। ललिता घाट से मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए दो एस्केलेटर भी लगाए जाएंगे। यह अक्षम और वृद्ध श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होंगे।


घाट के ऊपर बनने वाले पहले एस्केलेटर से श्रद्धालुओं को मल्टी परपज हाल तक पहुंचाएगा और दूसरा मंदिर के पूर्वी गेट तक पहुंचाएगा। इसके बाद तीन मीटर सीढ़ियों से नीचे उतरकर श्रद्धालु बाबा दरबार में प्रवेश करेंगे।
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लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता संजय गोरे ने बताया कि प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता और गुणवत्ता पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से मां गंगा को जोड़ने के लिए जल्द ही ललिता घाट पर सीढ़ियों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

कॉरिडोर के स्तंभ को देखते पीएम मोदी। - फोटो : ANI
मंदिर चौक लेने लगा आकार
काशी विश्वनाथ धाम का काम 28 फीसदी पूरा हो चुका है। धाम का सबसे बड़ा निर्माण क्षेत्र मंदिर चौक अब आकार लेने लगा है। 7700 वर्ग फुट में बनने वाली इसकी इमारत तीन मंजिला होगी। इसमें इंपोरियम, गैलरी और यात्री सुविधा केंद्र भी होंगे। सावन के दौरान होने वाली भीड़ को इसी क्षेत्र में कतारबद्ध किया जाएगा।

65 हजार क्यूबिक फुट से अधिक लग चुके हैं गुलाबी पत्थर 
चुनार के गुलाबी पत्थरों से धाम की रंगत निखरने लगी है। अब तक 65 हजार क्यूबिक फुट से अधिक गुलाबी पत्थर धाम में लगाए जा चुके हैं। मंदिर के प्रदक्षिणा मार्ग को चुनार और उड़ीसा के बालेश्वर से लाए गए गुलाबी पत्थरों से पूरा किया जा रहा है। परिसर में चुनार का बलुआ पत्थर, मकराना का मार्बल, उड़ीसा के बालेश्वर का गुलाबी पत्थर, कोटा के पत्थर के साथ तीन तरह के ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग फ्लोरिंग और सीढ़ियों पर हो रहा है।
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मंदिर चौक से सीधे नजर आ रही हैं गंगा
मंदिर चौक का हिस्सा सी-शेप में बनाया जा रहा है। यहां से सीधे मां गंगा के दर्शन किए जा सकते हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर से लेकर गंगा घाट तक 24 इमारतें बनाई जाएंगी। इसमें से 19 इमारतों पर काम चल रहा है। मंदिर परिसर, मंदिर चौक, जलपान केंद्र, गेस्ट हाउस, यात्री सुविधा केंद्र, म्यूजियम, आध्यात्मिक पुस्तक केंद्र, मुमुक्षु भवन अस्पताल का निर्माण शुरू हो चुका है।

गोदौलिया गेट कराएगा भव्यता का अहसास
बाबा दरबार से गंगा तट तक बनाए जा रहे काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता का अहसास उसके प्रवेश द्वार से ही हो जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम में जाने के लिए ज्ञानवापी क्रासिंग से गोदौलिया मार्ग पर विशेष गेट बनाया जाएगा जो भव्यता का अहसास कराएगा। लगभग 90 फुट चौड़े और 32 फुट ऊंचे इस दो मंजिला द्वार को गोदौलिया गेट के नाम से जाना जाएगा। इसमें दोनों तरफ सुरक्षाकर्मियों के लिए मोर्चा समेत सुरक्षा के समस्त इंतजाम होंगे।
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