सारनाथ में प्रधानमंत्री मोदी ने लेजर और साउंड शो देखा। अब पीएम का काफिला एयरपोर्ट के लिए निकलने वाला है।
सारनाथ में इस लाइट एंड साउंड शो देखने के बाद पीएम मोदी दिल्ली के रवाना हो जाएंगे।
पीएम मोदी और सीएम योगी के साथ कई और लोग भी इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं।
पीएम मोदी का काफिला सारनाथ पहुंच गया है। वहीं सुरक्षा को देखते हुए रिंग रोड फरीदपुर में वाहनों को रोका गया है। पीएम मोदी यहां भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली का भ्रमण करेंगे, उसके बाद लाइट एंड साउंड शो को देखेंगे। इसके बाद पीएम मोदी एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे।
पीएम मोदी सारनाथ कुछ देर में पहुंचने वाले हैं। वह सड़क मार्ग से सारनाथ के लिए रवाना हुए हैं। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हैं।
पीएम ने संबोधन के दौरान कहा था कि आशंकाओं के आधार पर भ्रम फैलाने वालों की सच्चाई लगातार देश के सामने आ रही है। जिन किसान परिवारों की अभी भी कुछ चिंताएं हैं, कुछ सवाल हैं, तो उनका जवाब भी सरकार निरंतर दे रही है।
पीएम मोदी भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ का भ्रमण करेंगे। साथ ही करीब आधे घंटे का लाइट एंड साउंड शो को देखेंगे। इस शो के माध्यम से भगवान बुद्ध की कथा दिखाई जाएगी। इसमें आवाज अमिताभ बच्चन ने दी है। इसका करीब एक महीने पहले ही पीएम मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए लोकार्पण किया था।
पीएम मोदी ने संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें प्रणाम किया। इसके बाद अब वो सारनाथ के लिए प्रस्थान करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविदास पार्क का भ्रमण कर जानकारी ले रहे हैं। इसके बाद वो संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे।
पीएम मोदी रवि दास पार्क पहुंच चुके हैं। यहां वो माल्यार्पण का कार्यक्रम करेंगे।
पीएम मोदी और सीएम योगी क्रूज से ही लोगों का अभिवादन कर रहे हैं।
लेजर शो के माध्यम से भगवान शिव के तांडव को दर्शाया जा रहा है। चेत सिंह घाट का नजारा बहुत ही अद्भुत लग रहा है।
पीएम मोदी का काफिला इस समय गंगा से गुजर रहा है। इसी दौरान लेजर शो का भी आयोजन किया जा रहा है।
अपने संबोधन के दौरान पीएम ने कहा - पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आपकी जो लंबे समय से मांग थी, वो पूरी हो गई है। लेजर शो में अब भगवान बुद्ध के करूणा, दया और अहिंसा के संदेश साकार होंगे। ये संदेश आज और भी प्रासंगिक होते जाते हैं। जब दुनिया हिंसा, अशांति और आतंक के खतरे देखकर चिंतित है।
पीएम मोदी राजघाट से निकल चुके हैं। वो एक बार फिर क्रूज में सवार होकर जल रहे लाखों दियों को देख रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा- इस बार के पर्व, इस बार की दीपावली जैसे मनाई गई, जैसे देश के लोगों ने लोकल प्रोडक्ट और लोकल गिफ्ट्स के साथ अपने त्योहार मनाए वो वाकई प्रेरणादाई है। लेकिन ये सिर्फ त्योहार के लिए नहीं, ये हमारी जिंदगी का हिस्सा बनने चाहिए।
काशी के लिए जब विकास के काम शुरू हुये थे, विरोध करने वालों ने सिर्फ विरोध के लिए विरोध तब भी किया था। जब काशी ने तय किया था कि बाबा के दरबार तक विश्वनाथ कॉरिडॉर बनेगा, भव्यता, दिव्यता के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। विरोध करने वालों ने तब इसे लेकर भी काफी कुछ कहा था।
ऐसा लग रहा है जैसे आज पूर्णिमा पर देव दीपावली मनाती काशी, महादेव के माथे पर विराजमान चंद्रमा की तरह चमक रही है। काशी की महिमा ही ऐसी है।
आज ये दीपक उन आराध्यों के लिए भी जल रहे हैं, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किये, जो जन्मभूमि के लिए बलिदान हुए। काशी की ये भावना, देव दीपावली की परंपरा का ये पक्ष भावुक कर जाता है। इस अवसर पर मैं देश की रक्षा में अपनी शहादत देने वाले, हमारे सपूतों को नमन करता हूं।
हमारे देवी देवताओं की ये प्राचीन मूर्तियां, हमारी आस्था के प्रतीक के साथ ही हमारी अमूल्य विरासत भी हैं। ये बात सही है कि इतना प्रयास अगर पहले किया गया होता, तो ऐसी कितनी ही मूर्तियां, देश को काफी पहले वापस मिल जातीं। लेकिन कुछ लोगों की सोच अलग रही है। हमारे लिए विरासत का मतलब है देश की धरोहर है। जबकि कुछ लोगों के लिए विरासत का मतलब होता है, अपना परिवार और अपने परिवार का नाम। हमारे लिए विरासत का मतलब है हमारी संस्कृति, हमारी आस्था। उनके लिए विरासत का मतलब है अपनी प्रतिमाएं, अपने परिवार की तस्वीरें।
काशी के लिए एक और भी विशेष अवसर है। कल मन की बात में भी मैंने इसका जिक्र किया था। सौ साल से भी पहले माता अन्नपूर्णा की जो मूर्ति काशी से चोरी हो गई थी, वो फिर वापस आ रही है। माता अन्नपूर्णा एक बार फिर अपने घर लौटकर वापस आ रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा कोविड 19 ने बहुत चीजों को बदला है। लेकिन काशी की ऊर्जा, भक्ति और शक्ति को कोई नहीं बदल सकता है।
पीएम मोदी ने शुरू किया संबोधन, काशी के लोगों को दींं शुभकामनाएं। पीएम मोदी ने स्थानीय भाषा में अपने संबोधन की शुरुआत की है। उन्होंने भोजपुरी में लोगों संबोधित किया तो लोगों में काफी उत्साह देखा गया।
प्रधानमंत्री मोदी राजघाट पहुंच चुके हैं। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद वह लोगों को संबोधित करेंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ एक बार फिर लोगों को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने काशी की जनता की ओर से पीएम मोदी का स्वागत किया। उन्होंने काशी की उस प्रतिमा का भी जिक्र किया जो विदेश से दोबारा काशी में लाने में सफलता प्राप्त हुई।
पीएम मोदी ने दीया जलाया। इसके साथ ही पर्यटन विभाग की एक साइट का लोकार्पण किया। अब पीएम के सामने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं। राजघाट पर दीपोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद वह देव दीपावली पर घाटों पर मौजूद लोगों को संबोधित करेंगे। देव दीपावली पर काशी 11 लाख दीयों से रोशन होगी।
पीएम नरेंद्र मोदी का क्रूज राजघाट पहुंच चुका है। यहां लोग उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हुए हैं। इस दौरान काशी रोशनी में नहाई हुई नजर आ रही है।
प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर क्रूज में सवार होकर ललिता घाट के लिए निकल चुके हैं। इसके बाद वो राजघाट जाएंगे और यहां के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। शाम होने के साथ ही काशी में शाम का नजारा बेहद शानदार दिखाई दे रहा है।
55 हजार वर्गफुट में बाबा विश्वनाथ धाम बनाया जा रहा है। पीएम मोदी का सपना है कि गंगा में स्नान करने के बाद श्रद्धालु सीधे मंदिर तक पहुंच सकें, साथ ही स्नान करने के दौरान मंदिर का शिखर भक्तों को दिखे। अगस्त 2021 तक इस कॉरिडोर को पूरा बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसमें वह काशी विश्वनाथ को गंगा से जोड़ना चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने कॉरिडोर के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति को भी जाना। निरीक्षण के बाद वह क्रूज पर सवार होंगे, इसके बाद राजघाट पर पहुंचेंगे।
पूजा के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को एक तोहफा दिया है। इसके बाद उन्होंने कॉरिडोर की जानकारी ली है।
बाबा विश्वनाथ के पूजन में फूल, दूध, दही, शहद, चंदन, रोड़ी सुपारी फल, मेवा आदि है। प्रधानमंत्री के प्रसाद में रुदाक्ष की माला, बेलपत्र, भस्मी, बाबा का चित्र, दुपट्टा है। पीएम मोदी एक-एक कर सामग्री को बाबा विश्वनाथ को अर्पित कर रहे हैं।
पीएम मोदी बाबा विश्वनाथ के दर पर पहुंच चुके हैं और पूजा-अर्चना शुरू हो गई है।
प्रोटोकॉल के समय के अनुसार, पीएम ललिताघाट पहुचेंगे, वहां से कॉरिडोर होते हुए विश्वनाथ मंदिर में 5 ब्राह्मणों द्वारा षोडशोपचार पूजन करेंगे। कॉरिडोर भ्रमण और प्रोजेक्ट के जरिए कॉरिडोर देखेंगे। सुरक्षा को देखते हुए साभी पुजारियों का कोविड टेस्ट हुआ है। कॉरिडोर सील कर दिया गया है। घाट के रास्ते किसी को कॉरिडोर में आने की अनुमति नहीं है।
बाबा विश्वनाथ के पूजन में सामग्री फूल, दूध, दही, शहद, चंदन, रोड़ी सुपारी फल, मेवा आदि होग। प्रधानमंत्री के प्रसाद में रुदाक्ष की माला, बेलपत्र, भस्मी, बाबा का चित्र, दुपट्टा होगा।
क्रूज ललित घाट अपने स्थान पर पहुंच चुका है। कुछ ही समय में प्रधानमंत्री मोदी बाहर निकलेंगे।
प्रधानमंत्री क्रूज में सवार होकर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए निकल गए हैं। वह यहां आधे घंटे निरीक्षण करेंगे। साथ ही वह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की निर्माण की प्रगति के बारे में जानेंगे। इसके बाद वह बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे।
पीएम मोदी क्रूज में बैठकर लोगों का अभिवादन कर रहे हैं। वो घाटों पर दिखने वाले लोगों को हाथ हिलाकर उनको शुक्रिया कह रहे हैं। अब वो बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे।
पीएम मोदी क्रूज में सवार होकर निकले हैं। सीएम योगी उनके साथ में है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खजूरी में सभा को संबोधित कर अपने अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो चुके हैं।
मुझे अहसास है कि दशकों का छलावा किसानों को आशंकित करता है। लेकिन अब छल से नहीं गंगाजल जैसी पवित्र नीयत के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा वादों को जमीन पर उतारने के इसी ट्रैक रिकॉर्ड के बल पर किसानों के हित में नए किसान सुधार कानून लाये गए हैं। किसानों को न्याय दिलाने में ये कितने काम आ रहे हैं, ये आने वाले दिनों में हम जरूर अनुभव करेंगे।मुझे विश्वास है कि मीडिया में भी इसकी सकारात्मक चर्चाएं होंगी।
आपको याद रखना है, यही लोग हैं जो पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर सवाल उठाते थे। ये अफवाह फैलाते थे कि ये मोदी है इसलिए ये चुनाव को देखते हुए 2 हजार रुपये दिया जा रहा है और चुनाव के बाद इस पैसे को ब्याज सहित वापस देना पड़ेगा।
पीएम ने कहा कि छल से नहीं गंगाजल जैसी पवित्र नीयत से काम कर रहा हूं और एक दिन ये बात सबके सामने आएगी। किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित होती थीं। लेकिन वो खुद मानते थे कि 1रुपये में से सिर्फ 15 पैसे ही किसान तक पहुंचते थे।
पहले एमएसपी तो घोषित होता थी लेकिन एमएसपी पर खरीद बहुत कम की जाती थी। सालों तक एमएसपी को लेकर छल किया गया। किसानों के नाम पर बड़े-बड़े कर्जमाफी के पैकेज घोषित किए जाते थे। लेकिन छोटे और सीमांत किसानों तक ये पहुंचते ही नहीं थे।
पीएम मोदी बोले पहले मंडी के बाहर हुए लेनदेन ही गैरकानूनी थे। ऐसे में छोटे किसानों के साथ धोखा होता था, विवाद होता था। अब छोटा किसान भी, मंडी से बाहर हुए हर सौदे को लेकर कानूनी कार्यवाही कर सकता है। किसान को अब नए विकल्प भी मिले हैं और धोखे से कानूनी संरक्षण भी मिला है। सरकारें नीतियां बनाती हैं, कानून-कायदे बनाती हैं। नीतियों और कानूनों को समर्थन भी मिलता है तो कुछ सवाल भी स्वभाविक ही है। ये लोकतंत्र का हिस्सा है और भारत में ये जीवंत परंपरा रही है।
वाराणसी में सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को भविष्य का डर दिखाकर बहकाया जा रहा है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाने की कोशिश की कि सरकार का कोई भी कानून उनके खिलाफ नहीं है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में आधुनिक कनेक्टिविटी का विस्तार होता है, तो इसका बहुत लाभ हमारे किसानों को भी होता है। बीते वर्षों में ये प्रयास हुआ है कि गांवों में आधुनिक सड़कों के साथ भंडारण, कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्थाएं खड़ी की जाएं। इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये का फंड भी बनाया गया है।
पीएम मोदी ने कहा तीन-चार साल पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ दो बड़े एयरपोर्ट प्रभावी रूप से काम कर रहे थे। आज करीब एक दर्जन एयरपोर्ट प्रदेश में सेवा के लिए तैयार हो रहे हैं। वाराणसी के एयरपोर्ट के विस्तार का काम चल रहा है।
पहले उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति क्या थी, ये आप भली-भांति जानते हैं। आज उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेस प्रदेश के रूप में हो रही है।
अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के चौड़ा होने से काशी और प्रयागराज के बीच आना जाना और आसान हो जाएगा। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों और इस क्षेत्र के लोगों को होने वाली परेशानियां खत्म हो जाएंगी। इसका लाभ कुंभ के दौरान भी मिलेगा।
मुझे याद है कि 2013 में मेरी पहली जनसभा इसी मैदान पर हुई थी। तब यहां से गुजरने वाला हाइवे 4 लेन का था। आज बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से ये 6 लेन का हो गया है।
प्रधानमंत्री ने अपना भाषण हर-हर महादेव से शुरू किया। उन्होंने काशीवासियों से भोजपुरी में संवाद किया। उन्होंने कहा कि काशी के लोगों के प्रणाम वा। इस दौरान उन्होंने देव दीपावली और गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी ने बटन दबाकर वाराणसी-प्रयागराज सिक्सलेन हाईवे का लोकार्पण किया। इसकी लागत 2447 करोड़ रुपये है और लंबाई 73 किमी है। पीएम ने कहा इस सिक्सलेन हाईवे का लाभ काशी के साथ प्रयागराज के लोगों को भी होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सड़क परियोजना का उद्घाटन किया। इसके बाद सभा को संबोधित करना शुरू कर दिया है।
सीएम योगी ने बताया यूपी में दो किलोमीटर हाइवे रोज बन रहे हैं। पीएम ने काशी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हीं का प्रयास के कारण आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने सभा को संबोधित करना शुरू कर दिया है और इस दौरान उन्होंने सबसे पहले पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। इसके बाद सीएम योगी ने कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाय गए कदमों की तारीफ की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खजूरी पहुंच चुके हैं। उनके साथ प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भी है।
प्रधानमंत्री मोदी का हेलीकॉप्टर मिर्जामुराद के खजूरी पहुंच गया है। पीएम मोदी यहा जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा में पांच हजार लोगों को शामिल होने की सहमति मिली है। यहां वह देव दीपावली पर प्रयागराज-वाराणसी सिक्सलेन की सौगात देंगे। इसके बाद काशी में दो जनसभाओं को पीएम मोदी संबोधित करेंगे। दोनों ही जनसभाओं का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबरपुर लाइव अड्डे से निकलकर में खजूरी पहुंच चुके हैं। यहां वह लोगों को संबोधित करेंगे।
वायुसेना के विशेष विमान से उतरने के बाद पीएम मोदी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया। इस दौरान अगवानी के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा राज्य मंत्री आशुतोष टंडन, नीलकंठ तिवारी, रविन्द्र जायसवाल, सांसद मछलीशहर वीपी सरोज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री एसपीजी, एनएसजी कमांडो, एटीएस कमांडो, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों, सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी व पुलिस के जवानों और डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते के पांच स्तरीय अभेद्य सुरक्षा घेरे में शहर आएंगे। इसके अलावा गंगा में उनकी सुरक्षा के लिए नौसेना के जवान व 16 गोताखोर और 24 नावों के साथ एनडीआरएफ के 120 जवान, जल पुलिस व पीएसी बाढ़ राहत दल के जवान तैनात रहेंगे। प्रधानमंत्री के सभी कार्यक्रम स्थल नो फ्लाइंग जोन होंगे।
पीएम मोदी का विमान वाराणसी एयरपोर्ट पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करेंगे। यहां से वह कार्यक्रमों में हिस्सा लेने कि लिए शहर के लिए प्रस्थान करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी पहुंच चुके हैं। यहां सीएम योगी उनके स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
कुछ ही मिनटों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देव दीपावली के पर्व पर शामिल होकर इतिहास रचने के लिए काशी की धरती पर पहुंचने वाले हैं। प्रधानमंत्री की अभूतपूर्व पांच स्तरीय सुरक्षा के साथ ही खजुरी में आयोजित जनसभा स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए अत्याधुनिक 80 सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है।
सोमवार को दोपहर प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी और सुरक्षा चाक चौबंद करते हुए अधिकारियों की चयनित स्थानों पर सुरक्षाबलों की तैनाती शुरू कर दी।
11 लाख दीयों से सजी काशी, लेजर शो और घाटों की छटाओं की खूबसूरती देखेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनारस में देव दीपावली की अनुपम छटा निहारने के लिए एक घंटे से ज्यादा समय गंगा में जल विहार करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन और इससे जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार दोपहर में ही वाराणसी पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने बाबतपुर एयरपोर्ट पर ही अधिकारियों से कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सजगता बरतने के निर्देश दिए।
अत्याचार के अंत एवं सदाचार की विजय की पावन प्रतीक "देव दीपावली" की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 30, 2020
मोक्ष की नगरी में देवताओं का महापर्व 'देव दीपावली' सभी देशवासियों के मन को सद्भावना, समन्वय एवं उत्साह के आलोक से आलोकित करे।
बाबा विश्वनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे।
देश-दुनिया में विख्यात देव दीपावली पर काशी प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दीया-बाती उकेरा हुआ दस्तकारी हुनर से तैयार खास अंगवस्त्रम भेंट किया जाएगा। एक तरफ देव-दीपावली से जुड़े हुए दीया-बाती तो दूसरी ओर प्रकाश पर्व भी उकेरा गया है। युवा शिल्पियों की ख्वाहिश है कि देव-दीपावली पर प्रधानमंत्री का स्वागत इसी अंगवस्त्रम के साथ स्वागत किया जाए।