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'मान महल' का मान बढ़ा गए पीएम मोदी, अब तक कोई प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति नहीं गया था यहां

Sun, 07 Jul 2019 08:13 PM IST
गीतार्जुन गौतम पीयूष तिवारी, अमर उजाला, वाराणसी
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म्यूजियम देखने पीएम मोदी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के मान महल में वेधशाला बनने के बाद पहली बार कोई प्रधानमंत्री शनिवार को यहां पहुंचा। इससे पहले ना तो किसी राज्य का राजा और ना ही किसी देश का प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने इस अनोखे वेधशाला का निरीक्षण किया था।

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वेधशाला में प्रधानमंत्री मोदी के आने से पुरातत्व विभाग के कर्मचारी और उस महल को बनाने वाले राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय के कर्मचारियों में खुशी थी। राजा मान सिंह ने 1600 ई. में मान महल और घाट का निर्माण कराया।

इसके बाद वर्ष 1734 में राजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने इसका निर्माण कराया था। इसके बाद यह पुरातत्व विभाग के अधीन हो गया। तब से मान महल में गिने चुने पर्यटक ही जाते थे, युवाओं की चहलकदमी अधिक रहती थी। ऐसे में यहां आम आदमी कम ही जाता था।

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राजा सवाई जय सिंह द्वितीय के निर्माण कराने के 285 साल बाद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काशी पहुंचे। उन्होंने मान महल में जाकर केवल वहां की कलाकारी और वेधशाला ही नहीं देखी, बल्कि उन्होंने काशी के इस अनमोल विरासत महल का मान भी बढ़ा दिया। अब लोगों की जुबान पर मान महल और उसका वर्चुअल म्यूजियम का नाम सुनने को मिलने लगा है।

यही नहीं प्रधानमंत्री के जाने के बाद ही काशी की जनता सपरिवार शाम को महल को देखने पहुंची, हालांकि प्रधानमंत्री के आगमन के चलते शनिवार को किसी भी बाहरी पर्यटक के आने पर रोक लगी थी, जिससे लोगों को निराशा ही हाथ लगी।
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पहली बार पहुंचे प्रधानमंत्री :
भारतीय पुरातत्व संग्रहालय के अधीक्षण पुरातत्व विद नीरज सिन्हा ने बताया कि बनने के बाद पहली बार कोई प्रधानमंत्री यहां आया है, जो बहुत ही अच्छा लगा। प्रधानमंत्री ने बड़े ही शिद्दत के साथ एक-एक चीज को देखा। छत पर जाकर वेधशाला का भी निरीक्षण किया।
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