जनसभा स्थल से आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की सौगात के साथ ही पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार की याद दिलाने से नहीं चूके। भले ही पूरे भाषण में उन्होंने खुलकर किसी भी सियासी दल का नाम नहीं लिया लेकिन, स्वास्थ्य सुविधाओं के बहाने ही पहले की अव्यवस्थाओं के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। पूर्वांचल की सियासत का केंद्र काशी से पिछली सरकारों के भ्रष्टाचार और अपनी सरकार की विकास यात्रा को एक साथ साधकर उन्होंने आगामी चुनाव के लिए भाजपा का रुख साफ कर दिया है।
महादेव और काशी से अपनापन का नाता
भोजपुरी में भाषण की शुरुआत कर पीएम ने पूर्वांचल से अपना नाता मजबूत किया तो हर हर महादेव, मानस के सोरठे के माध्यम से लोगों की भावनाओं को भी टटोला। कुल मिलाकर वाराणसी में पीएम की जनसभा के बाद भाजपा नए तेवर के साथ चुनावी तैयारी में जुटेगी। कारण, रैली के बाद से भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को भी चुनावी मोड में ले जाना चाह रही है।