लोकार्पण के दौरान तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए घाटों पर देव दीपावली की तरह दीये जलाए जाएंगे। लेजर लाइट शो के साथ वाराणसी के सभी मंदिरों और सरकारी व प्राइवेट बिल्डिंग को सजा दिया गया है। लोकार्पण कार्यक्रम को एतिहासिक बनाने के लिए काशी के सात लाख घरों में लड्डू बांटे जाएंगे।
दो दिवसीय प्रवास पर अपने संसदीय क्षेत्र पहुंच रहे पीएम काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव से अनुमति लेकर पतित पावनी गंगा का दर्शन व स्मरण करते हुए काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे।
काशी विश्वनाथ के अलौकिक परिसर के स्वागत में पूरी काशी शिव दीपावली की तैयारी में है। रवियोग के अद्भुत संयोग में राजोपचार विधि से देश की सभी नदियों के जल से काशीपुराधिपति का अभिषेक कर पीएम मोदी मुख्य यजमान बनेंगे और षोड्षोपचार विधि से आदि विश्वेश्वर का पूजा अनुष्ठान करेंगे।
इतिहासकारों के अनुसार पहली बार 436 साल पहले वर्ष 1558 में बनारस के व्यापारी रघुनाथ पंडित (टोडरमल) ने काशी विश्वनाथ मंदिर का कायाकल्प किया था। इसके बाद 1777 में रानी अहिल्याबाई होलकर ने विश्वनाथ धाम के तीन साल पहले के स्वरूप की परिकल्पना की थी और पूरे परिसर का जीर्णोद्धार कराया था। इसके बाद आठ मार्च 2019 को पीएम मोदी ने भव्य काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास किया था।
आजादी के बाद सात दशक में पहली बार बने विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह तक जाने के लिए चार प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इनके नाम मुख्य मार्ग के आधार पर रखे गए हैं।