आलम यह है कि काशी की सड़के गुलजार है, होटलों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। पर्यटन उद्योग और अन्य कारोबार में चार चांद नहीं बल्कि हजार चांद लग रहे हैं। शहर में लगभग 80 तारांकित होटल सहित 800 छोटे-बडे़ होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला हाउस फुल है। 12 से 15 दिसंबर तक शहर के किसी भी होटल या गेस्ट हाउस में रूम नहीं है। ट्रवेल्स की गाड़ियां भी नहीं खाली है।
बड़े-बड़े तारांकित होटलों और गेस्ट हाउस में वीवीआईपी, वीआईपी और सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों, नेताओं और अन्य लोगों के लिए बुक है। छावनी क्षेत्र के होटलों की पार्किंग फुल हो गई है। काशी और वरुणा जोन के अलावा ग्रामीण इलाकों, पड़ाव, रामनगर, पीडीडीयूनगर तक के होटल, गेस्ट हाउस के कमरे फुल हो चुके हैं।
इस माह तक होटलों की बुकिंग फुल
इसके साथ ही खानपान, ट्रांसपोर्ट और अन्य कारोबार का सेक्टर भी बम-बम बोल रहा है। बनारस होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल शर्मा ने बताया कि जैसा माहौल देव दीपावली पर होता है, उससे कहीं ज्यादा काशी शिवमय हो चुकी है। दूर-दूर के लोग काशी आ रहे हैं। इस माह तक होटलों की बुकिंग फुल चल रही है। ऐतिहासिक कार्य होने जा रहा है। टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि लोकार्पण उत्सव से पर्यटन उद्योग बम-बम हो गया है। लोग आ रहे हैं तो हस्तशिल्प उत्पादों की भी खरीददारी कर रहे हैं।