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पीएम मोदी बोले: माता शृंगार गौरी, अन्नपूर्णा, विशालाक्षी, संकठा, गंगा जैसी दिव्य शक्तियों की भूमि है काशी

Wed, 29 Apr 2026 03:01 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

प्रधानमंत्री ने काशी में आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण उनकी प्राथमिकता है। विपक्ष चाहे जितने अड़ंगे डाले वह महिला आरक्षण लागू जरूर करेंगे। 
 
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PM modi in varanasi - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वाराणसी के बरेका स्थित नारी शक्ति वंदन महिला सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमारी काशी माता शृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकठा और मां गंगा, ऐसी दिव्य शक्तियों की भूमि है। ऐसे में आप सभी बहनों-बेटियों के इस समागम ने, इस अवसर को बहुत दिव्य बना दिया है।

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भोजपुरी में संबोधित करते हुए पीएम बोले- हम काशी के इ भूमि पर, आप सब माई-बहिन के, काशी के बिटियन के प्रणाम करत हई। इससे पहले प्रधानमंत्री ने काशी को 6,332.08 करोड़ लागत की 163 परियोजनाएं कि सौगात दी। जिसमें 1,054.69 करोड़ की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण और 5277.39 करोड़ की 113 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने दो अमृत भारत ट्रेन वाराणसी से पुणे और अयोध्या से मुंबई जाने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित बनाने का मिशन अनवरत चल रहा है, और जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, तो उसका सबसे मजबूत स्तंभ भारत की नारीशक्ति है। आज इस कार्यक्रम में आप सभी बहनों-बेटियों से एक महायज्ञ की शुरुआत के लिए आशीर्वाद लेने के लिए मैं आया हूं। काशी के सांसद के तौर पर, देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे देशहित के एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आप सबका आशीर्वाद चाहिए, और ये बड़ा लक्ष्य है।

लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करना। अभी कुछ दिन पहले सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा ये प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया। लेकिन मैं आप सभी बहनों को फिर से भरोसा देता हूं, आपके आरक्षण का हक लागू हो, इसमें कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ूंगा।

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पीएम ने कहा कि देश की नई संसद बनाने के पीछे भी बहनों की भागीदारी का विचार एक बड़ा कारण था। नई संसद बनी, तो पहला काम हमने महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का ही किया। 40 साल से बहनों का ये अधिकार अटका और लटका हुआ था। इसलिए हमने साल 2023 में संसद में नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित करवाया। कानून बनने के बाद उसे लागू किया जाना जरूरी होता है। अब ये जरूरी है कि ये कानून जल्द से जल्द लागू हो। इसलिए, पिछले दिनों संसद में इसको लेकर चर्चा रखी गई थी। संविधान में संशोधन के लिए हम कानून लाए थे। ये संशोधन ऐसा था, जिसके बाद ज्यादा संख्या में बहनें विधानसभा और संसद में पहुंच पातीं। लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों ने एक बार फिर देश की महिलाओं को धोखा दिया। ऐसे दलों ने 40 साल से महिला आरक्षण पर ब्रेक लगाया हुआ था। अब समाजवादी पार्टी ने फिर से इसे लाल झंडी दिखा दी है।

असली बात यह है कि ये सारे परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दल, नारीशक्ति से डरे हुए हैं, आप सभी से डरे हुए हैं। ये परिवारवादी दल, देश की उन बेटियों को विधानसभा और संसद नहीं आने देना चाहते, जो कॉलेज कैंपस से लेकर पंचायतों, स्थानीय निकायों तक, हर जगह अपने दम पर नेतृत्व दे रही हैं। ये जानते हैं कि अगर धरातल पर काम करने वाली बेटियां ऊपर आ गईं, तो इनका नियंत्रण खत्म हो जाएगा, इनकी सत्ता पर सवाल खड़े हो जाएंगे। इसलिए ही जो परिवारवादी दल हैं, ये संसद में हुए विरोध में सबसे आगे रहे हैं। कहा कि मुझे संतोष है कि देश की बहनें-बेटियां इनकी इस कुटिल मंशा को पहचान गई हैं। आप देख रहे हैं, असम, केरलम, पुडुचेरी, बंगाल और तमिलनाडु में बहनों ने रिकॉर्ड मतदान किया है। महिला आरक्षण विरोधी दलों को अंदाजा नहीं है कि बहनों का ये वोट महिला विरोधी इन दलों को सजा देने के लिए हुआ है।
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प्रधानमंत्री से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी मंगलवार दोपहर 2 बजे करीब वाराणसी पहुंचे थे। यहां राज्यपाल आनंदीबेन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और भाजपा यूपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने उनका स्वागत किया। वह राज्यपाल, मुख्यमंत्री , भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा यूपी प्रदेश अध्यक्ष के साथ गोल्फ कार्ट से जनसभा के बीच में पहुंचे और महिलाओं का अभिवादन स्वीकार किया। यह पहली बार था जब प्रधानमंत्री जनसभा के बीच में पहुंचे और करीब पंद्रह मिनट वहां रहे।
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