पीएम ने कहा कि बदलती दुनिया, बदलते समय, बदलती मांग के अनुसार इन उत्पादों में भी जरूरी बदलाव करें। इसके लिए इन पारंपरिक उद्योगों से जुड़े साथियों को ट्रेनिंग, आर्थिक मदद, नई तकनीक और मार्केटिंग की सुविधा देनी बहुत जरूरी है। इस बार का जो बजट है, उसने भी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है। सिर्फ इस साल के लिए नहीं बल्कि आने वाले 5 वर्षों के लिए छोटे और मझोले उद्योगों के विकास का एक खाका खींचा गया है।
उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन द्वारा पिछले 2 वर्षों में, 30 जिलों के 3500 से ज्यादा शिल्पकारों, बुनकरों को डिजाइन में सहायता दी गई है। क्राफ्ट से जुड़े उत्पादों में सुधार के लिए एक हजार कलाकारों को Tool Kit भी दिए गए हैं। यहां आने से पहले मैं वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट से जुड़ी प्रदर्शनी को भी देखकर आया हूं। यूपी के अलग-अलग हिस्सों के उत्पादों का शानदार कलेक्शन वहां है। वहां दोना-पत्तल बनाने वाले कारीगरों को आधुनिक मशीनें भी दी गईं हैं। उनका आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था।
इस साल के बजट में, यूपी में बन रहे डिफेंसकॉरिडोर के लिए भी करीब 3700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हाल ही में लखनऊ में दुनियाभर की डिफेंस कंपनियों ने यहां उद्योग लगाने की रुचि दिखाई, कई कंपनियां समझौते भी कर चुकी हैं। आज कोशिश ये की जा रही है कि सामान्य जन को और सामान्य कारोबारी को कागजों के, दस्तावेजों के बोझ से मुक्त किया जाए। सरकारी प्रक्रियाएं उलझाने के बजाय सुलझाने वाली हों, रास्ता दिखाने वाली हों, इसके लिए काम किया जा रहा है।
GST लागू होने से देश के लॉजिस्टिक्स में व्यापक बदलाव आया है। अब इस बदलाव को और मजबूत किया जा रहा है। देश में पहली बार नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी तैयार की जा रही है। इससे लघु उद्योग और सशक्त होंगे। देश के Wealth Creators को अनावश्यक परेशानी ना हो, इसके लिए पहली बार टैक्सपेयर्स चार्टर बनाया जा रहा है। इससे टैक्सपेयर के अधिकार तय होंगे। टैक्स कलेक्शन को Faceless किया जा रहा है।