फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट से बनारस के किसान परेशान, काम पर लगाया ब्रेक

Wed, 22 Mar 2017 03:32 PM IST
amarujala.com, presented by शैलेश कुमार शुक्ल
विज्ञापन
वाराणसी में विरोध करते किसान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर बन रहे फोरलेन के साथ ही गोला से कटारी तक बाईपास भी निर्माणाधीन है। बुधवार को प्रशासन और एनएचएआई की टीम ने मुरली के पास बाईपास का निर्माण कार्य शुरू कराया तो किसान विरोध में उतर आए।
विज्ञापन


एकजुट हुए किसानों ने काम बंद करा दिया और नारेबाजी करने लगे। अधिकारियों के समझाने पर भी किसान पीछे हटने को तैयार नहीं थे। विरोध को देखते हुए टीम को वापस लौटना पड़ा। पुलिस फोर्स के साथ तहसीलदार सदर के नेतृत्व में दोपहर में चोलापुर क्षेत्र के मुरली गांव के पास पहुंची एनएचएआई की टीम ने बाईपास का निर्माण कार्य शुरू कराया।

अजय यादव और राजेंद्र यादव की खेत की खुदाई की जानकारी मिली तो लामबंद होकर किसान मौके पर पहुंचे और जेसीबी के आगे खड़े होकर काम बंद करा दिया। नारेबाजी कर रहे किसानों का कहना था कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। बता दें कि वाराणसी को आसपास के जिलों से फोन लेन से जोड़ना पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। 
विज्ञापन


इसलिए फैसला आने तक किसी हाल में काम नहीं होने देंगे। उन्होंने मुआवजा देने में भेदभाव का आरोप लगाया। कहा कि पड़ोस के गांव में सात लाख रुपये के हिसाब से जबकि मुरली के किसानों को दो लाख रुपये की दर से मुआवजा दिया जा रहा है।

विरोध को देखते हुए तहसीलदार ने एडीएम प्रशासन मुनेंद्र उपाध्याय को इसकी जानकारी दी। करीब दो घंटे तक हंगामे के बाद टीम को लौटना पड़ा। विरोध प्रदर्शन में अजय यादव, रामचरित्र सिंह, अरविंद यादव, अरविंद सिंह, पारसनाथ इरा यादव, चंद्रशेखर यादव समेत सैकड़ों महिलाएं और पुरुष शामिल रहे।
विज्ञापन
   
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें