आईजी जोन डॉ. एन रविंद्र
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कानून व्यवस्था पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त की जाए। थानों में हर छोटे-बड़े की एफआईआर दर्ज करें और पूरी पारदर्शिता से तफ्तीश करें। महिलाओं से जुड़े अपराधों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शोहदों और पियक्कड़ों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। मंगलवार को आईजी डॉ. एन रविंदर ने जोन के दस जिलों के पुलिस कप्तानों को ये निर्देश दिए।
स्पष्ट किया कि पुलिस के कामकाज का तरीका ऐसा हो कि जनता फर्क महसूस करे। थानों पर निष्पक्ष तरीके से सुनवाई हो और महिलाओं से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए। तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।
थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी जनता की शिकायतों पर पूरी गंभीरता बरतें और उनका तत्परता से समाधान कराएं। जनता को बार-बार थाने का चक्कर काटने के लिए विवश होना पड़ा तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
शोहदों और पियक्कड़ों के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाना स्तर पर रोजाना अभियान चलाया जाए। खासकर स्कूल, कॉलेजों और शराब की दूकानोें के आसपास पर्याप्त निगरानी कर ऐसे तत्वों की धरपकड़ की जाए।
पशु क्रूरता अधिनियम और गोवध अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाएं। बैठक के बाद आईजी जोन ने बताया कि जोन के सभी थानेदारों, क्षेत्राधिकारियों और एडिशनल एसपी की परफारमेंस रिपोर्ट संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक से तलब की जा रही है।
शांति और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में जो भी लापरवाही बरतेगा, उसे उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।