संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान में जनसभा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के पहले और दुनिया के तीसरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे की आधारशिला रखी और 1780 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। साथ ही कहा कि भारत ने नई सोच के साथ टीबी के खिलाफ काम करना शुरू किया है। भारत के प्रयास से ही विश्व को टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का नया मॉडल मिला है। डब्ल्यूएचओ के अलावा इस तरह का माॅडल बनाने वाला भारत दुनिया का इकतौला देश है। ऐसे प्रयासों की बदौलत ही देश में टीबी मरीज कम हो रहे हैं। हम विश्वास से कह सकते हैं कि टीबी हारेगा और भारत जीतेगा। टीबी हारेगा और दुनिया जीतेगी। हां, हम कर सकते हैं। हम ही करेंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र काशी के दौरे पर आते हैं तो उनका मन और मिजाज पूरी तरह से बनारसी नजर आता है। शुक्रवार की दोपहर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के मैदान में अपने संबोधन की शुरुआत हर बार की तरह ही इस बार भी प्रधानमंत्री ने हर-हर महादेव के उद्घोष से की। 22 मिनट बाद जब उनका संबोधन खत्म हुआ तो मौजूद जनसमूह का अभिवादन एक बार फिर उन्होंने हर-हर महादेव के उद्घोष से किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एक बार फिर काशी और इसे खास बनाने वाली एक-एक चीज का जमकर बखान किया। इसे लेकर सभास्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि यह प्रधानमंत्री के विकास कार्यों और उनकी ब्रांडिंग का ही असर है कि काशी पर्यटन का एक नया केंद्र बन गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो सात करोड़ लोग यहां आए, वो बनारस में ही तो ठहरे। उन्होंने यहीं की पूड़ी-कचौड़ी खाई। जलेबी-लौंगलता का आनंद लिया। लस्सी पी और ठंडई का मजा लिया। बनारसी पान, यहां के लकड़ी के खिलौने, बनारसी साड़ी और कालीन के काम के लिए हर महीने 50 लाख से ज्यादा लोग बनारस आ रहे हैं। बनारस आने वाले ये लोग अपने साथ बनारस के हर परिवार के लिए आय के साधन ला रहे हैं। यहां आने वाले पर्यटक रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं।