देर शाम लगभग 7.49 मिनट पर दुकान के अंदर दाखिल हुए प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर चाय पी रहे लोग चकित रह गए, प्रधानमंत्री को आते देख सभी लोग हाथ जोड़कर खड़े हो गए। वहीं, जैसे ही प्रधानमंत्री की फ्लीट रुकी तो भीड़ बढ़ती देख एसपीजी ने दुकान के बाहर रस्सी के जरिए सुरक्षा घेरा बना लिया।
वहीं भीड़ के बीच हर-हर महादेव का उद्घोष होने लगा। मोदी-मोदी, योगी-योगी का नारा भी लगाया गया। दुकान पर बैठे मनोज से पूछा कि क्या हाल है, मनोज दोनों हाथ जोड़कर बोले कि आपका आशीर्वाद है। आपके नेतृत्व में काशी में विकास की गंगा बह रही है। मुस्कुराते हुए मोदी अंदर टेबल और बेंच पर बैठ गए।
एक पुरवा चाय पीने के बाद प्रबुद्ध जनों से बातचीत के दौरान आवाज लगाकर एक और पुरवा चाय पी। यही नहीं, दुकान से निकलते हुए दुकानदार मनोज से कहा कि बहुत अच्छी चाय बनी है एक और पुरवा चाय मांगकर प्रधानमंत्री ने पी। वहीं मनोज को खूब तरक्की करने का आशीर्वाद दिया। मनोज के भाई अशोक ने केतली से पुरवा में चाय उड़ेली। इस दौरान यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने भी चाय पीते हुए लोगों से कुशलक्षेम जाना।
अस्सी में पप्पू की चाय काफी प्रसिद्ध है, यहां कई राजनेता चाय की चुस्की ले चुके हैं। इस समय तीसरी पीढ़ी चाय की दुकान चला रही है। पप्पू के बेटे मनोज, अशोक ने बताया कि दादा और पिता के समय कई नेताओं ने चाय की चुस्की ली, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी पहली बार दुकान पर चाय पीने पहुंचे। मनोज के अनुसार जार्ज फर्नांडिज भी चाय पी चुके हैं।
दुकानदार मनोज ने कहा कि कभी कल्पना नहीं की थी कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे ग्राहक बनेंगे, उन्हें चाय पिलाकर धन्य हो गया। यूं समझिए कि जीवन भर की दौलत मिल गई। उनकी दुकान पर आम ग्राहकों की तरह बैठना और अड़ी पर मौजूद लोगों से काशी से विकास के बारे में जानना एकदम से अद्भुत लगा।
पप्पू की दुकान पर चाय पीने के बाद बगल में गोपाल के पान की दुकान को देखते ही प्रधानमंत्री रुक गए और बनारसी पान खाने के लिए बढ़े। गोपाल से उनके व्यवसाय के बारे में जाना और कहा कि मीठा पान खिलाइए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा कि गोपालजी चूना मत लगाइएगा। वहीं गोपाल भी बिना चूने का पान खिलाया। निकलते वक्त प्रधानमंत्री ने गोपाल और उनके परिवार के बारे में भी जाना।