प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महामना की बगिया काशी हिंदू विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आज हिस्सा बनें। पीएम मोदी लोक कला और संस्कृतियों की विविधिता से रूबरू हुए ।
उन्होंने बहुचर्चित नाटक ‘चाणक्य’ के कलाकारों से भी मुलाकात की। इस मौके पर पीएम ने कहा कि चाणक्य अजर-अमर हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान के इस युग में कला संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी है।
संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित यह तीसरा राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव है। यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री संस्कृति महोत्सव का हिस्सा बने। स्वतंत्रता भवन में प्रधानमंत्री ने मनोज जोशी के ‘चाणक्य’ नाटक के पात्रों से मिले। मनोज जोशी की इच्छा थी कि पीएम उनके नाटक का मंचन देंखे लेकिन समयाभाव के कारण वह ऐसा न कर सके।
यह ‘चाणक्य’ की 1001वीं प्रस्तुति थी। प्रधानमंत्री ने ‘चाणक्य’ में अभिनय करने वाले कलाकारों को शुभाशीष दिया। नाटक की अवधि दो घंटे बीस मिनट थी। चाणक्य नाटक का मंचन संसद भवन में भी किया जा चुका है।
उधर, स्वतंत्रता भवन में कई कलाकारों को प्रवेश नहीं मिल पाया जिससे उन्होंने नाराजगी जताई। इस बीच सिगरा इलाके में प्रधानमंत्री के आगमन के विरोध में काला झंडा दिखाने के लिए तैयार भारतीय मानव पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।