प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां के वाराणसी आगमन पर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। उनके बाह्य सुरक्षा घेरे की कमान एक डीआईजी और 35 एसपी संभालेंगे। इसके साथ ही जल सेना के गोताखोर गंगा में तैनात रहेंगे।
इसके मद्देनजर गुरुवार को नौसेना के जवानों की 12 सदस्यीय टीम सामने घाट से राजघाट के बीच सुरक्षा व्यवस्था की चौकसी में जुट गई। वहीं, बाबतपुर एयरपोर्ट से लगायत सभी हेलीपैड जहां प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति के हेलीकाप्टर उतरेंगे, सभी जगहों की निगरानी वायु सेना के जवान करेंगे।
दोनों नेताओं के बाह्य सुरक्षा घेरे में 42 एडिशनल एसपी, 104 डीएसपी के साथ 8500 इंस्पेक्टर, दरोगा व सिपाही तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स (सीपीएमएफ) की 34 कंपनी के जवान तैनात रहेंगे।
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वहीं, दोनों वीवीआईपी के आंतरिक सुरक्षा घेरे में एसपीजी, एनएसजी के कमांडो, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड के जवान, और खुफिया इकाइयों के अधिकारी शामिल रहेंगे। सामने घाट से राजघाट के बीच की सभी इमारतों पर रूफ टॉप फोर्स तैनात रहेगी।
इसके अलावा भदैनी और राजेंद्र प्रसाद घाट स्थित टंकियां वॉच टॉवर का काम करेंगी। वहीं, गंगा में जल पुलिस, पीएसी बाढ़ राहत दल और एनडीआरएफ के जवानों के अलावा नौसेना के गोताखोर अत्याधुनिक उपकरणों के साथ तैनात रहेंगे।
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बाबतपुर एयरपोर्ट से लेकर प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति के सभी कार्यक्रम स्थलों और हेलीपैड का गुरुवार को भी जिला पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ एसपीजी की टीम ने निरीक्षण किया।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के सभी पहलुओं के साथ ही भीड़ और यातायात नियंत्रण को लेकर सभी कार्यक्रम स्थल पर बैठक की गई। तय हुआ कि शहर भर में एक दर्जन स्थान पर क्रेन खड़ी रहेगी, जो वीवीआईपी के काफिले में शामिल वाहन के खराब होते ही उसे किनारे करेगी।